सावन नहीं, फिर भी लखीसराय के ''अशोक धाम'' में उमड़ती है श्रद्धा
Lakhisari News : यदि आप लखीसराय या उसके आसपास हैं, तो सोमवार के दिन बाबा भोलेनाथ के दर्शन का यह अवसर बिल्कुल न चूकें. बिहार के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में स्थापित इंद्रदमनेश्वर महादेव का विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और दर्शन करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं. यही कारण है कि प्रत्येक सोमवार यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
लखीसराय से राजीव मुरारी सिन्हा की रिपोर्ट
Lakhisari News : लखीसराय जिले में स्थित अशोक धाम मंदिर को बिहार का देवघर कहा जाता है. यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रमुख शिव तीर्थों में भी गिना जाता है. दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु बाबा इंद्रदमनेश्वर महादेव के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव करते हैं. मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय और मनोहारी होता है, जो श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है.
सुबह चार बजे से शुरू हो जाती है पूजा-अर्चना
मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन सुबह चार बजे श्रृंगारी पूजा के साथ बाबा भोलेनाथ का विशेष पूजन किया जाता है. इसके बाद मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है. श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. सोमवार को शिवभक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है.
विशाल शिवलिंग के दर्शन का अलग ही आध्यात्मिक अनुभव
अशोक धाम में स्थापित विशाल शिवलिंग इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है. श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिव्य शिवलिंग के दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करते हैं.
सोमवार को बनाइये शिवभक्ति का दिन
भगवान शिव को समर्पित सोमवार का दिन विशेष महत्व रखता है. ऐसे में यदि आप लखीसराय में हैं, तो अशोक धाम पहुंचकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन अवश्य करें. धार्मिक मान्यताओं और भक्तों की आस्था के कारण यह मंदिर आज भी बिहार के प्रमुख शिवधामों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है.