घने कोहरे के कारण नहीं दिख रहा था 10 मीटर की दूरी, एनएच पर वाहनों के गति पर लगा ब्रेक
कोहरे के कारण अप एवं डाउन की ट्रेन भी चल रही विलंब से
11 बजे दिन के बाद हुए सूर्य देव प्रकट, लोगों को ठंड से मिली निजात
लखीसराय. सुबह में घने की चादर से अंधेरा छाया रहा. वहीं शीतलहर के कारण फुहार भी होने लगी. शीतलहर के कारण लोग देर सुबह तक बिस्तर से ही चिपके रहे. 11 बजे दिन के बाद हल्की धूप नजर आयी, लेकिन धूप में तपिश नहीं रहने एवं रूक-रूककर ठंडी हवा के कारण लोग ठंड से परेशान रहे. धूप में कम तपिश नहीं होने के बावजूद भी लोग जहां भी धूप देख रहे थे, वहीं बैठे रहे. कुछ लोग इस धूप को देखकर छत व आंगन में गये तो ठंडी हवा व धूप में गर्मी नहीं होने से अधिकतर लोग कुछ ही देर में घर जाकर दुबक गये. अहले सुबह से ही घना कोहरा का चादर इस प्रकार छाया कि लोगों को 10-11 मीटर आगे देखना मुश्किल हो रहा था. घना कोहरा के कारण एनएच 80 पर वाहन की गति काफी धीमी हो गयी थी. वहीं ट्रेन के रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया. हालात यह था कि शुक्रवार की सुबह ट्रेन शनिवार के अहले सुबह किऊल लखीसराय रेलवे स्टेशन के पहले ही टर्मिमेंट कर दिया गया. घने कोहरे के कारण टाटा-बक्सर एक्सप्रेस को किऊल-लखीसराय के पहले ही उसे वापिस कर दिया गया. वहीं डाउन में विक्रमशिला एक्सप्रेस 7 घंटा विलंब से चली है. इस तरह अप एवं डाउन से लगभग दर्जनों ट्रेन विलंब से चली है. घने कुहासा के कारण कार्यालय विलंब से पहुंचे. जगह-जगह अलाव लगाकर लोग बैठे हुए नजर आ रहे थे. स्कूल के बंद रहने से छोटे-छोटे बच्चों को कुहासा एवं ठंड से बचे रहे. 11 बजे तक कुहासा रहने के कारण लोग अपने दिनचर्या कार्य भी बिलंब से ही किया. लगातार ठंड होने के कारण आलू में झुलसा रोग भी पड़ने लगा है. किसान आलू के फसल को बचाने के लिए तरह-तरह का छिड़काव करने में जुटे है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
