भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन योजना

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ''मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन योजना'' के क्रियान्वयन में विभागीय लापरवाही और संवेदक की मनमानी का मामला सामने आया है

बसौनी में नियमों को ताक पर रख हो रहा निर्माण

पीरीबाजार

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ””मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन योजना”” के क्रियान्वयन में विभागीय लापरवाही और संवेदक की मनमानी का मामला सामने आया है. पीरीबाजार थाना क्षेत्र के अभयपुर अंतर्गत बसौनी पुल से रेलवे लाइन तक बन रही सड़क में गुणवत्ता के मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. करोड़ों का बजट, पर काम में खोट योजना स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार, इस सड़क की कुल लंबाई 1.400 किलोमीटर है, जिसके निर्माण के लिए एक करोड़ 33 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गयी है. इसके अतिरिक्त, पांच वर्षों तक सड़क के रखरखाव (अनुरक्षण) के लिए भी 14 लाख रुपये का प्रावधान है. कार्य की शुरुआत 23 मई 2025 को हुई थी और इसे 23 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाना है. गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और निर्माण की प्रक्रिया तय मानकों के अनुरूप नहीं है. भ्रष्टाचार की बू इस कदर आ रही है कि निर्माण कार्य के दौरान ही सड़क के भविष्य पर सवालिया निशान लग गये हैं. विभागीय इंजीनियरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर संवेदक मनमाने ढंग से कार्य करा रहा है. सड़क की उम्र पांच साल तो दूर, यह चंद महीनों की बारिश भी झेल पायेगी या नहीं, वहीं मामले को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता प्रमोद कुमार विद्यार्थी ने कहा कि जानकारी मिली है जल्द ही निरीक्षण कर शिकायत दूर की जायेगी.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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