मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बनी बच्चों की जीवनरक्षक, सात बच्चों को मिली नयी जिंदगी

मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बनी बच्चों की जीवनरक्षक, सात बच्चों को मिली नयी जिंदगी

लखीसराय. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना जिले में हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए किसी वरदान से कम साबित हो रही है. इस योजना के तहत आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम द्वारा बच्चों की पहचान कर उनका पूरी तरह निःशुल्क और समुचित इलाज कराया जा रहा है. सरकार की इस पहल और स्थानीय टीम की तत्परता का नतीजा यह है कि कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को नया जीवन मिल रहा है. जिले में इस वर्ष अब तक सात बच्चे योजना का लाभ लेकर हृदय रोग को मात दे चुके हैं. इन बच्चों का पटना और अहमदाबाद के सुप्रसिद्ध संस्थानों में नि:शुल्क ऑपरेशन कराया गया. शेष सात बच्चों का इलाज प्रक्रिया में है. जल्द ही उन्हें पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, इंदिरा गांधी हृदय संस्थान एवं अहमदाबाद के श्री सत्यसाईं हृदय संस्थान भेजा जायेगा. जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए समय पर इलाज बेहद जरूरी है, अन्यथा परेशानी बढ़ सकती है. उन्होंने कहा कि केवल हृदय रोग ही नहीं, बल्कि कटे होंठ, तालु में छेद या पैरों की विकृति जैसी गंभीर जन्मजात बीमारियों का भी निःशुल्क व शत-प्रतिशत सफल इलाज योजना के तहत संभव है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कटे होंठ का तीन सप्ताह से तीन माह के भीतर, तालु के छेद का छह से 18 माह में तथा टेढ़े-मेढ़े पैर का दो सप्ताह से दो माह के भीतर उपचार किया जा सकता है. जिला समन्वयक अंशु सिन्हा ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक 14 बच्चों की पहचान की गयी है, जिनमें से सात का सफल इलाज हो चुका है, जबकि शेष बच्चों की सर्जरी की तैयारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर इलाज, दवा, यात्रा और रहने-खाने तक का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है. अंशु सिन्हा ने कहा कि जिला स्तर पर तैनात आरबीएसके टीम लगातार गांव-गांव जाकर बच्चों की पहचान कर रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च स्तरीय संस्थानों में भेज रही है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि उनके बच्चों में जन्मजात बीमारी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो वे बिना देर किए आरबीएसके टीम से संपर्क करें, ताकि समय पर इलाज शुरू कर बच्चे को स्वस्थ जीवन मिल सके. मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना की बदौलत लखीसराय के कई परिवार अपने बच्चों की मुस्कान फिर से लौटते देख पा रहे हैं. यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि समाज में आशा और विश्वास भी जगा रही है.

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