सड़ा चावल बांटने पर भड़के लाभार्थी, एक घंटा तक एनएच-80 को रखा जाम

जनवितरण प्रणाली में घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित ग्रामीण महिलाओं ने मेदनीचौकी थाना क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय खावा झपानी के पास एनएच 80 सड़क को जाम कर डीलर को बर्खास्त करने की मांग करने लगे

मेदनीचौकी

. जनवितरण प्रणाली में घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित ग्रामीण महिलाओं ने मेदनीचौकी थाना क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय खावा झपानी के पास एनएच 80 सड़क को जाम कर डीलर को बर्खास्त करने की मांग करने लगे. यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई, जब सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत खावा राजपुर पंचायत के खावा-झपानी गांव स्थित जनवितरण अरविंद कुमार अपने घर पर लाभार्थियों को सड़ा हुआ चावल बांट रहे थे. जिसके विरोध में महिलाएं आक्रोशित होकर एनएच-80 उतर गयीं. इस दौरान वाहनों का परिचालन करीब एक घंटे तक बाधित रहा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जबकि जिला प्रशासन का साफ निर्देश है कि यदि गोदाम से खराब राशन आता है तो उसे वितरण न करके वापस किया जाय. डीलर ने आदेश की अनदेखी करते हुए सड़ा हुआ चावल ही बांटने लगे. इससे आक्रोशित लाभार्थी सड़क पर उतर आये और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.

थानाध्यक्ष ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा, जाम हटा

मामले की जानकारी मिलने पर मेदनीचौकी थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार, एसआई आलोक कुमार, शिवशंकर मंडल और महेश प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ जामस्थल पर पहुंचे और जाम कर रही महिला लाभार्थीयों को समझा-बुझाकर शांत कराया. जाम समाप्त कराकर वाहनों का परिचालन सुचारू रूप से हो पाया. थानाध्यक्ष ने लाभार्थियों को आश्वासन दिया कि संबंधित पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी गयी है. जल्द इस चावल को वापस कर बढ़िया चावल लाया जायेगा. उसके बाद आप लाभार्थी में वितरण का कार्य होगा. साथ ही कहा कि जनवितरण विक्रेताओं पर लगे इस गंभीर आरोपों की भी जांच करायी जायेगी. दोषी पाये जाने पर डीलरों का लाइसेंस रद्द कराकर उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी, इसके बाद ही महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ और सड़क से जाम हट सका.

डीलरों पर कटौती और दबाव की शिकायत

ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर दुकान छोड़कर अपने-अपने घर पर ही राशन की कटौती कर वितरण करते हैं. प्रत्येक लाभार्थी से एक से दो किलो तक राशन काट लिया जाता है. इतना ही नहीं, लाभार्थियों को सड़ा हुआ चावल लेने के लिए दबाव डाला जाता है. वहीं लाभार्थी पिंकी देवी ने कहा कि हम गरीबों के लिए यह राशन ही सहारा है, लेकिन डीलर हमें घटिया चावल देता है, जिसमें कीड़ा साफ नजर आता है और शिकायत करने पर डीलर कहते हैं कि लेना है तो लो, नहीं तो छोड़ दो. यह हमारे साथ धोखा है्. लाभार्थी रीना देवी ने आरोप लगाया कि हर बार एक-दो किलो राशन काट लिया जाता है. ऊपर से सड़ा हुआ चावल थमा दिया जाता है, आखिर कब तक हम ऐसे चावल को खाने को मजबूर होंगे.

समाजसेवी व बुद्धिजीवियों ने उठायी आवाज

समाजसेवी मनीष कुमार, सरपंच सकलदेव महतो ने कहा कि डीलरों की यह लापरवाही न सिर्फ गरीब लाभार्थियों के साथ धोखा है, बल्कि विधि-व्यवस्था को भी बिगाड़ रही है. सड़क जाम जैसी स्थिति इसी भ्रष्टाचार का नतीजा है. प्रशासन को दोषी डीलरों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, वरना ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आयेगी.

बोले डीलर

खावा के डीलर अरविंद कुमार ने बताया कि इस बार काफी खराब चावल की आपूर्ति हुई है. जिससे मजबूरी में लाभुकों के बीच वितरण किया गया, जिसका नतीजा लाभुकों का आक्रोश होकर सड़क जाम पर उतारू होना सामने आया.

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