लखीसराय : अशोक धाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ की घटना को लेकर शनिवार को भाकपा-माले ने प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने केआरके हाई स्कूल मैदान से समाहरणालय तक जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया और पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा.
जुलूस का नेतृत्व पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य सरोज चौबे, जिला सचिव चंद्र देव यादव, कार्यालय सचिव शिव नंदन पंडित, शिक्षक नेता रामटहल पासवान, खेग्रामस नेता विंदेश्वरी मांझी, उपेंद्र तांती, दीनदयाल यादव, रसोइया नेता रंजना, आइसा नेता सुमन कुमार भारती और सफाई मजदूर नेता प्रेमलता ने किया.
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
समाहरणालय परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी सदस्य सरोज चौबे ने भगदड़ की घटना को प्रशासनिक कुव्यवस्था का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी की जानकारी के अनुसार हादसे में सात महिला और एक पुरुष श्रद्धालु की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए.
उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ का सही आकलन और नियंत्रण की समुचित व्यवस्था नहीं की गई. स्टेशन से लेकर मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने तथा बैरिकेडिंग की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए.
पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा
प्रदर्शन के बाद भाकपा-माले के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा. इसमें अशोक धाम भगदड़ की उच्च स्तरीय जांच कराने, मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने, घायलों का समुचित इलाज कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई.
इसके अलावा मंदिर न्यास परिषद की ओर से भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई. प्रतिनिधिमंडल में रामटहल पासवान, शिव नंदन पंडित, विंदेश्वरी मांझी, उपेंद्र तांती, प्रेमलता और उषा देवी शामिल थीं.
