शहर के विद्यापीठ चौक स्थित आंबेडकर बस पड़ाव पर अतिक्रमण से खतरा

शहर के विद्यापीठ चौक स्थित आंबेडकर बस पड़ाव चारों ओर से अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है.

पड़ाव में वाहन खड़ा करने की नहीं है जगह, सड़क के दोनों किनारे खड़ा किया जाता है वाहन

लाखों का राजस्व देता है पड़ाव, फिर भी है उपेक्षित

लखीसराय. शहर के विद्यापीठ चौक स्थित आंबेडकर बस पड़ाव चारों ओर से अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है. अतिक्रमण हटाने की अधिकारियों के द्वारा कई बार नाकाम कोशिश की गयी. बस पड़ाव को स्थानीय दुकानदार के द्वारा अतिक्रमण किया गया है. जिसे हटाने के लिए कई बार प्लान भी तैयार किया गया, लेकिन नप का प्लान रखा ही रह गया और बस पड़ाव को उसके बदहाल पर छोड़ दिया गया. नतीजा यह है कि लाखों का राजस्व देने वाला आंबेडकर बस पड़ाव में वाहन खड़ा करने की जगह भी नहीं है, लेकिन वाहन चालक को पड़ाव शुल्क देना पड़ता है. वाहन चालकों को पड़ाव में जगह नहीं रहने के कारण सड़क के किनारे ही अपने वाहन को खड़ा कर सवारी का उतारना व चढ़ाना पड़ता है, जिससे कि राहगीरों को भी सड़क दुर्घटना का भय भी बना रहता है.

बड़हिया, बेगूसराय, पिपरिया, सूर्यगढ़ा व लखीसराय स्टेशन के लिए आंबेडकर बस पड़ाव से खुलती है गाड़ी

विद्यापीठ चौक स्थित आंबेडकर बस पड़ाव से बड़हिया, बेगूसराय, पिपरिया, सूर्यगढ़ा एवं लखीसराय स्टेशन जाने के लिए बस व छोटे वाहन खुलते हैं. इन सभी रूटों के लिए आने जाने वाले वाहनों को सड़क के दोनों किनारे खड़ा किया जाता है. वाहन को खड़ा किये जाने के कारण सड़क दुर्घटना भी हो चुका है. वहीं इस ओर से गुजरने वाले मुंगेर, पटना, शेखपुरा रूट की और जाने वाली बसों को भी सड़क किनारे ही खड़ा किया जाता है. पूर्व नप ईओ पूनम कुमारी द्वारा आंबेडकर बस पड़ाव से अतिक्रमण हटाने के लिए तत्परता दिखायी गयी थी, लेकिन तत्कालीन अंचलाधिकारी ने उन्हें किसी भी प्रकार की मदद नहीं की और नहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा ही कोई ठोस कदम उठाया गया. जिसके बाद आंबेडकर बस पड़ाव अतिक्रमण का ही शिकार बनकर रह गया.

75 लाख से अधिक राशि में इस बार भेजा गया है टेंडर का प्रस्ताव

विद्यापीठ चौक स्थित आंबेडकर बस पड़ाव प्रत्येक साल 75 लाख से अधिक की राशि का राजस्व देता है, लेकिन बस पड़ाव पर यात्री सुविधा नहीं है. अतिक्रमण के कारण नगर परिषद भी वहां पर किसी प्रकार का निर्माण कराने में अक्षम साबित होता है. अतिक्रमण हटाने के लिए नगर परिषद जब भी प्लान तैयार करता है तो उसे अन्य अधिकारियों का साथ नहीं मिलता है.

जमीन की मापी कर दी गयी है. अतिक्रमण हटाने के लिए सदर अंचलाधिकारी को कई पत्र लिखा गया है. अतिक्रमण हटाने के लिए पहल शुरू कर दी गयी है, जल्द ही अतिक्रमण हटाया जायेगा.

अमित कुमार, नप ईओB

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