प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जिला स्तरीय किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
हलसी. प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र हलसी में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम में आये हुए मुख्य अतिथि के रूप में मिथिलेश मिश्र व विशिष्ट अतिथि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी श्रवण कुमार व कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी सुरेश चंद्र चौधरी उपस्थित हुए. कार्यक्रम में डीएम व केंद्र के प्रभारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया गया. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी तथा इसके फायदे गिनाये गये. वहीं डीएम ने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से खेती करने पर पानी की जरूरत कम पड़ती है. साथ ही फसल का उत्पादन भी अधिक होता है. उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को प्रशिक्षण देने के बाद उन्हें अनुदानित दर पर उनके खेतों में ड्रीप इरिगेशन सिस्टम लगाया जायेगा. इस पद्धति से 30 से 50 फीसद पानी की बचत होती है. इतना ही नहीं इसके माध्यम से पौधों के जड़ों तक आसानी से उर्वरकों को पहुंचाया जा सकता है. वहीं ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी विधियों के माध्यम से पानी की बचत, उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने और फसल उत्पादन व गुणवत्ता में सुधार करने का तरीका सिखाता है. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत आयोजित किये जाते हैं, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है. प्रशिक्षण में पावर प्वाइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से सैद्धांतिक जानकारी और किसानों के खेतों में प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया था. मौके पर सुनील कुमार, डॉ रेणु कुमारी एवं सभी प्रखंड के बीएचओ मौजूद रहे.——————————————————————————————
प्रखंडस्तरीय इफको किसान गोष्ठी कार्यक्रम द्वारा नैनो उर्वरक का महत्व के बारे में दी जानकारी फोटो संख्या 08- शिविर में किसानों को नेनो उर्वरक के बारे में जानकारी देते एरिया मैनेजर करण कुमारप्रतिनिधि, हलसी. प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत किसान सेवा केंद्र हलसी में शुक्रवार को इफको द्वारा नैनो उर्वरक जागरूकता अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि इफको एरिया मैनेजर करण कुमार एवं विशिष्ट अतिथि बिस्कोमान हलसी के मैनेजर विकास कुमार द्वारा कार्यक्रम को विधिवत प्रारंभ किया गया. आयोजित प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी कार्यक्रम में पांच दर्जन से अधिक किसानों ने भाग लिया. वहीं क्षेत्रीय अधिकारी ने किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता और नैनो उर्वरकों के प्रयोग से होने वाले फायदों की जानकारी दी तथा इफको के नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के उपयोग पर विशेष जोर दिया. उन्होंने जल विलेय उर्वरक, जैव उर्वरक और सागरिका के प्रयोग से रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव से बचने की सलाह दी. वहीं नैनो उर्वरक कम मात्रा में होते है अधिक प्रभावी होता है, इनके प्रयोग से खेती की लागत घटती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है. इससे किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी. उन्होंने किसानों से अपील की कि पारंपरिक उर्वरकों की जगह नैनो तकनीक अपनाकर वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ उत्पादन क्षमता भी बढ़े. किसान गोष्ठी में कुंदन कुमार, मुकेश सिंह, सितेश कुमार, राजेश कुमार, अजय महतो एवं काफी संख्या में किसान मोजूद रहे.
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