सूख गयी हरुहर नदी, खेतों में पड़ने लगी दरारें

बड़हिया : दाल का कटोरा कहे जाने वाले 1064 वर्ग मील में फैले बड़हिया टाल क्षेत्र के खेतों में सिंचाई का एक मात्र साधन हरुहर नदी है. यह सूख गयी है. क्षेत्र के खेतों में दरार पड़ने लगी है. किसान-मजदूरों के चेहरे मुरझाने लगे हैं. उनके सामने पेट की भूख मिटाने की समस्या है. वैकल्पिक […]

बड़हिया : दाल का कटोरा कहे जाने वाले 1064 वर्ग मील में फैले बड़हिया टाल क्षेत्र के खेतों में सिंचाई का एक मात्र साधन हरुहर नदी है. यह सूख गयी है. क्षेत्र के खेतों में दरार पड़ने लगी है. किसान-मजदूरों के चेहरे मुरझाने लगे हैं. उनके सामने पेट की भूख मिटाने की समस्या है. वैकल्पिक साधन नहीं हैं.

हरुहर नदी की तलहटी में जमे गाद की खुदाई कर स्लुइस गेट लगने की चिरलंबित मांग पर स्थानीय जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे. बड़हिया टाल क्षेत्र पर निर्भर लाखों की आबादी भुखमरी के कगार पर है. डर है कि ऊब कर युवाओं के कदम फिर न बहक जायें.

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