शहर में अवैध बस स्टैंडों की वजह से लगता है जाम

पूर्व डीएम के आदेश के बाद बाइपास स्थित अधिसूचित बस स्टैंड से परिचालन की हुई थी व्यवस्था, लेकिन दो माह से पुन: शहर के मुख्य सड़कों पर जगह-जगह बन चुका है बस स्टैंड.... लखीसराय : नगर परिषद क्षेत्र के बाइपास स्थित बनाये गये अधिसूचित बस स्टैंड रहने के बावजूद बस संचालकों द्वारा एक बार फिर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 11, 2016 6:49 AM

पूर्व डीएम के आदेश के बाद बाइपास स्थित अधिसूचित बस स्टैंड से परिचालन की हुई थी व्यवस्था, लेकिन दो माह से पुन: शहर के मुख्य सड़कों पर जगह-जगह बन चुका है बस स्टैंड.

लखीसराय : नगर परिषद क्षेत्र के बाइपास स्थित बनाये गये अधिसूचित बस स्टैंड रहने के बावजूद बस संचालकों द्वारा एक बार फिर से शहर की मुख्य सड़कों पर बसें खड़ी कर यात्री बिठाया जाता है. जिस वजह से शहर के मुख्य सड़क पर विद्यापीठ चौक लेकर कोर्ट मोड़ तक चार जगहों पर अनाधिकृत बस स्टैंड बन चुका है़ जिस वजह से आये दिन जाम की समस्या देखने को मिलती है.

यहां बता दें कि 12 फरवरी 2015 को तत्कालीन डीएम मनोज कुमार ने बस संचालकों, ट्रांसपोर्टरों, जिला परिवहन पदाधिकारी एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के साथ बैठक कर शहर की मुख्य सड़क पर से अनाधिकृत बस स्टैंड को हटा कर सभी बसों को बाइपास स्थित अधिसूचित बस स्टैंड से खोलने की व्यवस्था करने की बात कही थी और नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी को बस स्टैंड में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की बात कही थी़
जिसके बाद नगर परिषद द्वारा बस स्टैंड में पहले एक नये चापाकल एवं बाद में सब-मर्सिबल बोरिंग के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था कर दी गयी थी़ लेकिन इन व्यवस्थाओं के बावजूद कुछ महीनों तक तो बाइपास स्थित बस स्टैंड से बसों का परिचालन तो किया गया लेकिन पदाधिकारियों की शिथिलता की वजह से विगत दो महीनों से बसों का उक्त बस स्टैंड से परिचालन बंद होकर अब पुराने तरीके से मुख्य सड़क पर ही जगह-जगह बस स्टैंड बना कर परिचालन किया जा रहा है.
प्रभारी जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि बरसात की वजह से एसपी आवास के पास बाइपास मोड़ पर रोड वाहनों के आने जाने लायक नहीं रहने से वहां से बसों का परिचालन नहीं हो सकता है़ इस वजह से बस संचालकों के आग्रह पर कोर्ट मोड़ पर ही पूर्व की भांति अस्थायी रूप से बस स्टैंड चलाने का आदेश दिया गया है़ इसके अलावा कहीं भी बस स्टैंड का रूप दिये जाने पर अभियान चलाकर बस संचालकों से जुर्माना वसूला जायेगा.