करोड़ों खर्च, पर सुविधाएं नदारद
सरकारी अस्पतालों में संसाधन व आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार प्रयासरत है. मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में आधुनिक मशीन तक लगायी जा रही है. सदर अस्पताल लखीसराय में भी मरीजों की जांच के लिए कई प्रकार की मशीन लगायी गयी हैं, पर चिकित्सकों व कर्मियों की कमी से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है.
लखीसराय : राज्य सरकार स्वस्थ समाज-स्वस्थ बिहार की मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने व मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार सरकारी अस्पतालों में संसाधनों एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने में लगी है. स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जाता रहा है, लेकिन शहर के सौ बेड वाले सदर अस्पताल में जिले भर से आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में विभाग असफल सािबत हो रहा है.
अस्पताल में न तो ब्लड बैंक की सुविधा है और न ही अल्ट्रासाउंड का लाभ ही मरीजों को नहीं मिल रहा. आइसीयू के अभाव में गंभीर रूप से बीमार या जख्मी मरीजों की मौत हो जाती है. हर महीने लाखों रुपया खर्च के बावजूद सदर अस्पताल में मरीजों की मरहम पट्टी कर उन्हें रेफर करने की ही व्यवस्था यहां है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में आधुनिक मशीन उपलब्ध करा बेहतर सुविधा देने का दावा करती रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती दिख रही है.
