अंग्रेजी के शक्षिक नहीं रहने से पढ़ाई में होती है परेशानी

अंग्रेजी के शिक्षक नहीं रहने से पढ़ाई में होती है परेशानीफोटो संख्या : 05चित्र परिचय: विद्यालय का भवन प्रतिनिधि, मेदनीचौकीप्रखंड के पश्चिम सलेमपुर पंचायत के मध्य विद्यालय मौलानगर में पढ़ाई में परेशानी हो रही है. बच्चों को विषयों की सम्यक जानकारी नहीं मिल पाती है. विद्यालय में नामांकित 768 बच्चों को पढ़ाने के लिये प्रभारी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

अंग्रेजी के शिक्षक नहीं रहने से पढ़ाई में होती है परेशानीफोटो संख्या : 05चित्र परिचय: विद्यालय का भवन प्रतिनिधि, मेदनीचौकीप्रखंड के पश्चिम सलेमपुर पंचायत के मध्य विद्यालय मौलानगर में पढ़ाई में परेशानी हो रही है. बच्चों को विषयों की सम्यक जानकारी नहीं मिल पाती है. विद्यालय में नामांकित 768 बच्चों को पढ़ाने के लिये प्रभारी प्रधानाध्यापिका आभा देवी समेत कुल 15 शिक्षक-शिक्षिका कार्यरत हैं. इसमें अरुण कुमार सीआरसी में समन्वयक हैं. लेकिन हिन्दी को छोड़ कर अंग्रेजी समेत कोई भी विषय वार शिक्षक नहीं है. जिससे पठन-पाठन प्रभावित है. शारीरिक शिक्षक नियमित हैं, जबकि खेलकूद के लिए मैदान नहीं है. भवन कक्ष की कमी बनी हुई है. एक छोटे से कमरे में कार्यालय संचालित हो रहा है. जबकि एक कमरे में एमडीएम का भंडार है. सात कमरों में आठ कक्षाओं की व्यवस्था की जाती है. बच्चे स्कूल के बरामदे पर बैठ कर पढ़ने को मजबूर हैं. स्कूल में पेयजल के लिये दो चापाकल लगे हुए हैं. यहां नामांकित बच्चों में से अल्पसंख्यक समुदाय के 262 बच्चे हैं. जबकि अनुसूचित जाति के 105 अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 153 तथा समान्य वर्ग के 46 बच्चे शामिल हैं. इनमें 413 लड़के व 355 लड़कियां शामिल हैं. इस बाबत प्रधानाध्यापिका आभा देवी कहती हैं कि शिक्षक के नहीं रहने से अंग्रेजी भाषा की पढ़ाई प्रभावित है. वहीं स्थानीय अभिभावक राजाराम पंडित, कैलाश यादव आदि ने कहा कि स्कूल में अंग्रेजी की पढ़ाई नहीं होती है. जबकि अन्य सभी विषयों की पढ़ाई होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >