नये युवकों को नक्सली संगठन से जोड़ने की कवायद हुई तेज

जमुई: प्रशासन की बढ़ती सक्रियता के कारण हाथ व हथियार की घटते क्रम से माओवादी संगठन अब युवाओं को नये-नये प्रलोभन या फिर धमकी देकर संगठन में जोड़ने की कवायद में लग गयी है. जिसका खुलासा स्पेशल ब्रांच के पदाधिकारियों की गोपनीय शाखा से हुआ है. इसकी सूचना जिला के आला अधिकारी को देदी गयी […]

जमुई: प्रशासन की बढ़ती सक्रियता के कारण हाथ व हथियार की घटते क्रम से माओवादी संगठन अब युवाओं को नये-नये प्रलोभन या फिर धमकी देकर संगठन में जोड़ने की कवायद में लग गयी है. जिसका खुलासा स्पेशल ब्रांच के पदाधिकारियों की गोपनीय शाखा से हुआ है. इसकी सूचना जिला के आला अधिकारी को देदी गयी है. सूत्रों की माने तो संगठन के सदस्यों द्वारा खासकर चकाई, चरकापत्थर, खैरा, लक्ष्मीपुर तथा बरहट के जंगलों से सटे आदिवासी समुदाय के नये युवकों को यह बताकर संगठन में जोड़ने की कवायद शुरू की गयी है कि व्यवस्था में खामी के चलते उनका विकास नहीं हो रहा है. सामंती ताकतों द्वारा उन्हें उनके हक से दूर किया जा रहा है.

सूत्र यह भी बताते हैं कि भावनात्मक रूप से बरगलाकर कई नये युवकों को संगठन में जोड़ने की नक्सलियों की मंशा पूरी हो रही है. या फिर जो नक्सलियों के बहकावे में नहीं आ रहे हैं उन्हें धमकी देकर संगठन में जुड़ने को मजबूर किया जा रहा है. इसके अलावे पिछले दिनों हार्डकोर नक्सली ललेश की गिरफ्तारी के बाद यह भी खुलासा हुआ कि संगठन द्वारा दिल्ली, मुंबई तथा कोलकाता आदि शहरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों पर भी डोरा डाला जा रहा है. कम आय वाले इन मजदूरों को ज्यादा से ज्यादा आमदनी का दिलासा देकर संगठन से जोड़ा जा रहा है. जमुई के भी कुछ मजदूरों को संगठन से जोड़ने में नक्सलियों को सफलता मिली है. ललेश के संबंध में कहा जा रहा है कि इसी अभियान में वह दिल्ली में कैंप कर रहा था. सात मजदूरों को बहला कर जमुई आने में कामयाब ललेश जमुई रेलवे स्टेशन पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया. हालांकि पुलिस ललेश की गिरफ्तारी को बरहट के जंगल में होने की बात बतायी थी. फिलवक्त नक्सलियों की यह कवायद धीरे-धीरे रंग लाता नजर आ रहा है.

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