घाटों की सफाई में प्रशासन उदासीन, लोगों ने कसी कमर

लखीसराय. प्रत्यक्ष देवता सूर्य की उपासना एवं लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा को लेकर किऊल नदी किनारे अवस्थित घाटों की सफाई कार्य में अभी तक नगर परिषद क ा कार्य उपलब्धि शून्य दिख रहा है. जबकि छठ पूजा के दौरान अघ्र्य देने में एक दिन शेष मात्र बचा है. बावजूद इसके घाटों की साफ […]

लखीसराय. प्रत्यक्ष देवता सूर्य की उपासना एवं लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा को लेकर किऊल नदी किनारे अवस्थित घाटों की सफाई कार्य में अभी तक नगर परिषद क ा कार्य उपलब्धि शून्य दिख रहा है. जबकि छठ पूजा के दौरान अघ्र्य देने में एक दिन शेष मात्र बचा है. बावजूद इसके घाटों की साफ सफाई एवं घाट किनारे दलदली जमीन को दुरुस्त करने में नगर परिषद उदासीन बना हुआ है. इस कारण छठ पूजा में अघ्र्य देने को लेकर शहरवासियों में नगर परिषद के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है. प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए स्थानीय लोगों एवं स्वयं सेवकों ने खुद ही घाट की सफाई को लेकर कमर कस ली है. बुधवार को स्थानीय लोगों ने खुद ही घाटों की सफाई करने को लेकर नदी घाट किनारे उतर गये और घाट की सफाई करने लगे. विदित हो कि घाटों की सफाई को लेकर बीते सोमवार को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से शहर मुख्यालय स्थित गंभीर हालत वाले घाटों का निरीक्षण किया और सभी घाटों की साफ सफाई व दलदली जमीन को दुरुस्त करने के साथ ही जहां जहां संभव हो वहां बांस के पुल निर्माण का निर्देश दिया था. लेकिन उन अधिकारी द्वय के आदेशों को नगर प्रशासन ने अनसुनी करते हुए बुधवार तक इस दिशा में कोई पहल करती नहीं दिखी. बुधवार को भी महावीर स्थान घाट, पथला घाट, सूर्यनारायण घाट, प्रखंड कार्यालय के समीप वीर हनुमान घाट सहित शहर मुख्यालय स्थित सभी घाटों पर कमोवेश स्थिति एक जैसी है. इनकी साफ सफाई का जिम्मा स्थानीय लोगों ने खुद उठाया है.

प्रशासन का भरोसा नहीं

इस संबंध में शहरवासी संजय कुमार ने बताया कि छठ पर्व आस्था का पर्व है और इसमें प्रशासन घाट की सफाई करें या न करें वे लोग तो घाट की सफाई कर पुण्य करेंगे. सिद्धेश्वर साव ने कहा कि आप लोग भी सोचिए जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी के आदेश का पालन इस तरह किया जा रहा है तो आम आदमी की बात कौन सुनेगा. नवीन कुमार ने बताया कि घाट की सफाई हम लोग अधिकारियों एवं प्रशासन के लिए नहीं छोड़ सकते हैं. इस पर्व में लोग खुद ही स्वयं सेवक बन कर सेवा करते हैं. मनोज कुमार ने बताया कि वे लोग घाट की सफाई करने में जुटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि घाट की सफाई में सबसे बड़ी मुश्किल दलदली जमीन को दुरुस्त करने में आ रही है.

कहते हैं जिलाधिकारी

इस संबंध में जिलाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि घाटों की सफाई किये जाने को लेकर आवश्यक निर्देश दिये जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इसकी जांच भी की जायेगी. इसके साथ ही डीएम श्री सिंह ने आम लोगों से भी अपने स्तर से भी घाट की साफ सफाई करने में मदद करने की अपील की.

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