कुष्ठ रोगी खोजने पर आशा को मिलेंगे ढाई सौ रुपये

कुष्ठ रोगियों को 1500 रुपये पेंशन का है प्रावधानआशा को रोगी को दवा खिलाने पर मिलेंगे छह सौ रुपयेकुष्ठ के बताये लक्षण, रोगी खोजने का निर्देशफोटो संख्या 05 चित्र परिचय – प्रशिक्षण में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी को प्रशिक्षण देते चिकित्सक लखीसराय. जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन प्रशिक्षण […]

कुष्ठ रोगियों को 1500 रुपये पेंशन का है प्रावधानआशा को रोगी को दवा खिलाने पर मिलेंगे छह सौ रुपयेकुष्ठ के बताये लक्षण, रोगी खोजने का निर्देशफोटो संख्या 05 चित्र परिचय – प्रशिक्षण में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी को प्रशिक्षण देते चिकित्सक लखीसराय. जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन प्रशिक्षण आरंभ हुआ. शुक्रवार तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नन मेडिकल, पारा मेडिकल कर्मी, फार्मासिस्ट, एएनएम आदि शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता एसीएमओ डॉ नरेंद्र भूषण ने की. प्रशिक्षण में जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ रामानंद प्रसाद सिन्हा ने कहा कि इसमें चमड़े का रंग बदलना, चमड़े में सूना पन, नस का मोटा होना, नस में झनझनाहट आदि कुष्ठ के लक्षण हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग दो प्रकार के होते हैं. जिसमें प्रथम पीबी गे्रड होता है. इसमें पांच से कम दाग होते हैं और इसमें रोगी को छह महीने तक दवा का सेवन करना पड़ता है. वहीं दूसरा फेज एमबी होता है. इसमें पांच से अधिक दाग होते हैं. इस रोग से ग्रसित मरीज को एक साल तक दवा लेनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगी को खोजने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को ढ़ाई सौ रुपये दिये जाते हैं. वहीं फेज वन के मरीजों को दवा खिलाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को चार सौ रुपये मिलते हैं. जबकि फे ज टू के मरीजों को दवा खिलाने के लिए छह सौ रुपये दिये जाते हैं. एसीएमओ डॉ नरेंद्र भूषण ने कहा कि फेज टू के मरीजों के लिए सरकार की ओर 15 सौ रुपये पेंशन का भी प्रावधान है. इस मौके पर सहायक नरेंद्र कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.

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