सूर्यगढ़ा के महमदपुर की घटना, भूमिहीनों ने की जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश
लखीसराय/सूर्यगढ़ा : सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र की महमदपुर पंचायत में सोमवार की देर रात बासगीत पर्चाधारी भूमिहीनों ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जा जमाने की कोशिश की. महादेव मुखर्जी गुट समर्थित किसान संघर्ष समिति महमदपुर के बैनर तले महादलित भूमिहीनों ने उक्त विवादित जमीन पर जबरन कब्जा किया.
इसका स्थानीय भू-स्वामियों ने विरोध किया. इस बीच दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष में एक महादलित निरंजन दास की पत्नी उमा देवी घायल हो गयीं, जबकि उक्त जगह पर एक अर्धनिर्मित झोंपड़ी को आग भी लगा दी गयी. इसमें एक बकरी के जलने की भी सूचना है. सूचना मिलने पर सूर्यगढ़ा थाने के अवर निरीक्षक सुरेश रजक पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. वहां पुलिस की भिड़ंत महादलित परिवारों से हो गयी.
इसमें एक व्यक्ति द्वारा सुरेश रजक पर कचिये से वार किया गया. हालांकि ओवर कोट के कारण श्री रजक बाल-बाल बच गये. पूरे घटनाक्रम में नक्सलियों द्वारा विवादित स्थल पर अपना बैनर भी लगा दिया गया.
1979 से कट रही है जमीन की रशीद : जमीन परचाधारी श्याम किशोर दास, निरंजन दास, ललन दास, प्रमोद दास, विनोद दास, नूनूलाल दास, सुनील दास, गणोश दास भीखन दास आदि ने आरोप लगाया कि पुलिस व स्थानीय लोगों ने जबरन झोपड़ी में आग लगा दी.
जबकि पंचायत समिति सदस्य गणोश सिंह, उनके भाई महेश सिंह, गुड्डू सिंह, शालिग्राम सिंह तथा सूर्यगढ़ा पुलिस के अनुसार घटना के बाद भूमिहीन महादलितों ने स्वयं झोपड़ी में आग लगायी. पंसस श्री सिंह ने बताया कि मौजे के खाता संख्या 152 खसरा 163 में रकवा 1 एकड़ 40 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन है. इसमें से सरकार द्वारा प्लॉट के उत्तर-पश्चिम तरफ की 31 डिसमिल जमीन की बंदोबस्ती की गयी थी. 1979-80 से ही जमीन की रसीद उनके भाइयों व अन्य के नाम से कट रही है.
जमीन पर कब्जा चाहते हैं महादलित : अब महादलित महादेव मुखर्जी गुट के सहयोग लेकर 1 एकड़ 04 डिसमिल जमीन पर काबिज होना चाहते हैं. 1988-89 में एडीएम कोर्ट से जमीन का जमाबंदी रद्द कर दी गयी थी, लेकिन 1995 में मुंसिफ न्यायालय लखीसराय में टाइटल सूट में जमाबंदी पुन: कायम कर दी गयी.
महादलित काफी पूर्व से जमीन पर कब्जा चाहते हैं. प्लॉट के उत्तर की ओर 10 फीट चौड़ी खरंजा सड़क है. इसे पंचायत समिति मद से पीसीसी किया जाना है. महादलित परचा के सभी प्लॉट को एक कर, सड़क को दूसरी ओर से ले जाने की मांग कर रहे थे.
सीओ ने परचा में नहीं किया सुधार
एक वर्ष पूर्व सूर्यगढ़ा के अंचलाधिकारी सुभाष प्रसाद द्वारा उक्त प्लॉट की 54 डिसमिल जमीन को 27 महादलित परिवारों के बीच बांटा गया. प्रत्येक परिवार को 2-2 डिसमिल जमीन का बासगीत परचा दिया गया. लेकिन इनमें से ग्यारह महादलितों को दिये गये परचे में चौहद्दी गलत थी. दर्ज चौहद्दी की जमीन पर पहले से ही मकान बना है. बाद में सीओ ने सरकारी अमीन द्वारा प्लॉट के दूसरे तरफ की 54 डिसमिल जमीन की नापी करा कर प्रत्येक महादलित को 2-2 डिसमिल जमीन उपलब्ध करा दी. लेकिन सीओ ने परचा में सुधार नहीं किया.
