लखीसराय/बड़हिया : जिले के बड़हिया प्रखंड के गिरधरपुर निवासी रामोतार महतो के द्वितीय पुत्र सह बेगूसराय जिले के शाम्हो प्रखंड के बरारी पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक राज किशोर प्रसाद (33 वर्ष) की हत्या की खबर से पूरा गिरधरपुर गांव शोक में डूब गया. रामोतार महतो के घर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी. लोग परिवार के सदस्यों को सांत्वना दे रहे थे.
इन सबके बीच में रामोतार महतो चुपचाप बैठे आंसू बहा रहे थे. घर में महिलाओं के क्रंदन से वातावरण गमगीन था. रामोतार महतो रोते-रोते कह रहे थे कि राजकिशोर को ईमानदारी की सजा मिली है. उन्होंने बताया कि राजकिशोर पढ़ाई में काफी तेज था. दिसंबर में उसने बीपीएससी की मेंस परीक्षा दी थी. उसे उसमें पास होने का पूरा भरोसा था.
उनका भी सपना था कि उनका बेटा बीपीएससी परीक्षा पास कर ऑफिसर बने. उन्होंने बताया कि राजकिशोर के पंचायत रोजगार सेवक बनने के बाद वे और उसका परिवार आने जाने में तकलीफ होने के कारण बेगूसराय में किराये का मकान लेकर रहते थे. 24 दिसंबर को राजकिशोर अपने छोटे बेटे आयुष के साथ गांव आया था.
25 दिसंबर को वापस चला गया था. क्या मालूम था कि यह बेटे से आखिरी मुलाकात होगी.ज्ञात हो कि रामोतार महतो का द्वितीय पुत्र राज किशोर प्रसाद बेगूसराय जिले के शाम्हो प्रखंड अंतर्गत बरारी वन एवं टू पंचायत में पीआरएस के पद पर कार्यरत थे. पिछले 31 दिसंबर से वे लापता थे. शाम्हो थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के कारण परिजनों ने काफी मशक्कत करनी पड़ी. तीन दिन बाद बेगूसराय के लोहिया नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई. इस मामले में तीन लोगों के गिरफ्तार किया. गिरफ्तार अभियुक्तों ने मंगलवार की शाम स्वीकारा कि राजकुमार की हत्या कर बालू की बोरी में बांध गंगा में फेंक दिया गया था. इसकी सूचना मिलने के बाद राज किशोर के घर में कोहराम मचा गया.
