अलाव नहीं जला
शहरी क्षेत्र में इक्के दुक्के जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गयी. लेकिन जिले भर में ग्रामीण इलाके व हाट बाजारों में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं हो पायी है. भयानक शीत लहर के कारण जहां जिंदगी ठहर सी गयी है. लोग शीतलहर से बचने के लिए प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सहायता की बाट जोह रहे हैं. आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जिले में अलाव के लिए मात्र 25 हजार रुपये उपलब्ध कराये गये हैं, जिन्हें प्रखंडों में उपलब्ध कराया गया है.
गरम कपड़े के वितरण में भी कमी
गरीबों को ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े कंबल आदि वितरण में भी कोताही बरती जा रही है. नगर परिषद द्वारा कंबल वितरण के लिए निविदा निकाली गयी, लेकिन जब तक गरीबों को कंबल उपलब्ध होगा, तब तक शीतलहर कितनों की जिंदगी लील लेगी. सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयं सेवी संस्थाएं भी कंबल एवं गरम कपड़ा वितरण में पीछे हैं.
