रेलवे कंट्रोल रूम में सुविधाओं का टोटा

झाझा : दानापुर रेल मंडल अंतर्गत झाझा रेलवे स्टेशन पर रेलवे यात्रियों के साथ-साथ रेलवे कर्मचारियों की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है. रेलवे यात्रियों के लिए पेयजल, प्लेटफॉर्म, पूछताछ केंद्र, ऊपरी पुल का संकरा होने के अलावा कई तरह की समस्याएं झाझा स्टेशन के लिए आम है. लेकिन उसमें कार्य करने वाले […]

झाझा : दानापुर रेल मंडल अंतर्गत झाझा रेलवे स्टेशन पर रेलवे यात्रियों के साथ-साथ रेलवे कर्मचारियों की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है. रेलवे यात्रियों के लिए पेयजल, प्लेटफॉर्म, पूछताछ केंद्र, ऊपरी पुल का संकरा होने के अलावा कई तरह की समस्याएं झाझा स्टेशन के लिए आम है. लेकिन उसमें कार्य करने वाले कर्मचारियों की स्थिति भी काफी दयनीय बनी हुई है.
स्टेशन प्रबंधक कार्यालय में जहां ऊपर बने शौचालय का पानी भरे रहने से कई महत्वपूर्ण कागजात खराब हो गया है. वहीं रेल परिचालन कक्ष के ऊपरी तल्ले पर बना छत के टूट-टूट कर गिरने से वहां बैठ कर कार्य कर रहे कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक एस सोरेन, सुशील वर्मा, मुख्य रेल कर्मचारी पीएन धुर्वा, आरके माथुरी समेत कई लोगों ने बताया कि छत काफी पुराना हो गया है. जिसके चले टूट-टूटकर गिरते रहता है.
कुछ दिन पूर्व स्लैब के गिरने से पीएन धुर्वा बाल-बाल बचे थे. उपरोक्त लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि छत के पुराने रहने के चलते सिलिंग फै न भी नहीं लगाया जा सका है.
जिससे कर्मियों को गरमी के दिनों में कार्य करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. मौके पर कई स्टेशन प्रबंधक स्तर के रेल कर्मियों ने बताया कि तीनों शिफ्ट में कार्य करने वाले कर्मी के मन में हमेशा डर बना रहता है. कहीं टूटा एस्बेस्टस सर पर न गिर जायें. मेंटनेंस के लोगों को कहते-कहते थक गये हैं लेकिन किसी ने कोई सुधि नहीं ली. मामला संज्ञान में नहीं है. उसे दिखवा कर ठीक करवा दिया जायेगा.
एसके पांडेय , अभियंताआइओडब्ल्यू

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