औसतन हर चार दिन पर होती है एक की मौत

लखीसराय : जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजपथ व राज्य राजपथ सहित शहर की सड़कों पर यातायात नियमों के खुलेआम होते उल्लंघन के कारण इन दिनों सड़क दुर्घटना में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. केवल मई माह में ही अलग अलग सड़क दुर्घटना में 8 व्यक्ति की मौत हो चुकी है और लगभग 71 की […]

लखीसराय : जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजपथ व राज्य राजपथ सहित शहर की सड़कों पर यातायात नियमों के खुलेआम होते उल्लंघन के कारण इन दिनों सड़क दुर्घटना में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. केवल मई माह में ही अलग अलग सड़क दुर्घटना में 8 व्यक्ति की मौत हो चुकी है और लगभग 71 की संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं.

सड़क दुर्घटना के शिकार होने वालों में किशोरी, महिला, युवक व व्यस्क शामिल हैं. नीतीश सरकार के शासन काल में सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता रही. जिले से गुजरने वाले एनएच व स्टेट हाई-वे की दशा सुधरी. लेकिन इन चमचमाती सड़कों पर मौत का तांडव शुरू हो गया. यातायात नियमों की जानकारी नहीं होना या फिर इस व्यवस्था में आवश्यक प्रशासनिक सुधार नहीं होना सड़क दुर्घटना का कारण बनी. कई घरों में शहनाई के स्थान पर मातम मना. दुर्घटना में बेलगाम गति व नौसिखिये चालकों ने और वृद्धि की. पिछले एक महीने में सड़क दुर्घटना पर नजर डालें तो औसतन हर चार दिन पर एक मौतें सड़क हादसे में हुई.

जबकि लगभग 71 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए. इन घायलों के इलाज में परिवार के सदस्यों का पैसा पानी की तरह बहा. सूत्रों की मानें तो सड़क हादसे के शिकार कई घायलों के इलाज में परिवार के सदस्यों की जमीन भी बिक गयी. लेकिन इन हादसों के बाद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है. इस दिशा में न तो परिवहन विभाग की ओर से कोई पहल देखी जा रही है और न ही पुलिस बेलगाम वाहन परिचालन पर रोक लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाती नजर आ रही है. ऐसे में इन सड़कों से सुरक्षित गुजर जाने वाले लोग गंतव्य तक पहुंचने के बाद अपने भगवान को जरूर याद करते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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