कजरा-जलप्पा मार्ग में नक्सलियों ने बिछाया था लैंड माइंस
कजरा : कजरा थाना क्षेत्र के कजरा से जलप्पा स्थान जानेवाली पहाड़ी सड़क मार्ग में पुनाडीह के निकट नक्सलियों द्वारा कैन बम की शक्ल में बिछाये गये लैंड माइंस का तार पुलिस ने नक्सलियों की टोह में निकाला. एएसपी संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में कोबरा व एसटीएफ जवानों की तत्परता के कारण पुलिस बाल-बाल बच गयी.
इसकी पुष्टि करते हुए एएसपी संजय कुमार सिंह ने बताया कि कजरा क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधि बढ़ने के बाद उनके विरुद्ध शुक्रवार की देर रात चानन थानाध्यक्ष रंजीत कुमार, कजरा थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार, लखीसराय के एसटीएफ प्रभारी सुनील कुमार व कोबरा बटालियन केसुमित कुमार सैप जवानों के साथ पहाड़ों में सर्च अभियान चलाया गया. संदिग्ध ग्रामीणों से पूछताछ की गयी और एक व्यक्ति को नक्सली होने के संदेह में गिरफ्तार कर वरीय पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. एएसपी ने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस जवानों को उड़ाने के लिए कजरा-जलप्पा पहाड़ी मार्ग पर लैंड माइंस बिछा कर पुख्ता इंतजाम कर लिया था.
लेकिन घोघरघाटी, कानीमोह आदि स्थानों से सुबह लौटने के दौरान पुलिस उक्त स्थल पर पहुंची और जमीन खुदी हुई देख वहां तार होने के संदेह पर पुलिस ने वहां बांस लगा कर आगे का रास्ता बंद कर दिया और वरीय पदाधिकारी को इसकी सूचना दी गयी. वहीं बम निरोधी दस्ते को मौके पर बुलाया गया तब जा कर बम डिफ्यूज किया गया.
एएसपी श्री सिंह के अनुसार कुल तीन केन बम में से बम निरोधी दस्ता द्वारा दो को एक बार स्थल पर ही उड़ा कर डिफ्यूज कर दिया गया. पुन: डीएसएमडी से जांच के बाद बम डिफ्यूज करने के बाद भी एक बम होने का सबूत मिला. जिसे बम निरोधी दस्ते द्वारा सावधानी पूर्वक निकाल कर डिफ्यूज किया गया. वहीं सूचना पाकर इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीम ने भी मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया और विस्फोट के बाद विस्फोट स्थल से सफेद रंग के पाउडर को विस्फोटक के रूप में अमोनियम नाइट्रेट रसायन होने की बात आइबी के इंस्पेक्टर प्रवीण ने बतायी.
इधर, कजरा-जलप्पा स्थान के पहाड़ी पक्की सड़क मार्ग पर शुक्रवार की रात नक्सलियों द्वारा लगाये गये केन बम में अमोनियम नाइट्रेट रसायन का प्रयोग करने की बात आइबी टीम के इंस्पेक्टर प्रवीण ने बतायी. इसकी मारक क्षमता एक पूरे बड़े बस को उड़ा देने की थी. अभियान एएसपी संजय कुमार सिंह के अनुसार केन बम में करीब 50 किलो रसायन का उपयोग किया गया था.
