जो अंधकार से प्रकाश में ले जाये वही हैं सदगुरु: सत्यानंद जी

लखीसराय : मानस उत्थान सेवा समिति शाखा पचेना मोड़ के तत्वावधान में पावन पर्थ गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सत्संग एवं भजन कीर्तन का आयोजन किया गया. आयोजन में अनेक जगहों से सैकड़ों भक्त एकत्रित हुए एवं भजन कीर्तन एवं सत्संग का लाभ उठाया. कार्यक्रम में सदगुरु देवश्री सतपाल जी महाराज के शिष्य महात्मा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 10, 2017 5:36 AM

लखीसराय : मानस उत्थान सेवा समिति शाखा पचेना मोड़ के तत्वावधान में पावन पर्थ गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सत्संग एवं भजन कीर्तन का आयोजन किया गया. आयोजन में अनेक जगहों से सैकड़ों भक्त एकत्रित हुए एवं भजन कीर्तन एवं सत्संग का लाभ उठाया. कार्यक्रम में सदगुरु देवश्री सतपाल जी महाराज के शिष्य महात्मा सत्यानंद जी के द्वारा जीवन के कर्तव्य का सही मार्ग पर चलने की बात कही. उन्होंने कहा कि नाद के प्रभाव से भृंगी कीड़ा साधारण कीड़े को अपने समान बना लेता है ऐसे ही सदगुरु महाराज अपने ज्ञान के स्पंदन नाद से एक साधारण जिझासु साधक को अपने समान ज्ञान बना लेते हैं.

आज उसी अध्याय ज्ञान की हम सबको आवश्यकता है. अध्याय की भक्ति अगाध होनी है पर हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह रहता है कि हम अध्यात्म की शक्ति को अपनी आत्म के अंदर जागृत नहीं कर पाते हैं. जब हम आत्मज्ञान सदगुरु महाराज जी की शरण में जायेंगे और अनार्मुखी होने का क्रियात्मक ज्ञान प्राण करेंगे तभी आध्यात्मिक शक्ति को अपने आंतरिक जगह में जागृत कर सकेंगे. तभी हम मानव से महामानवक बन सकेंगे. उन्होंने कहा कि गुरु अर्थात गु मायने अंधकार और रू मायने प्रकाश जो अंधकार से प्रकाश में ले जाये वही सच्चे मायने में सदगुरु कहालाता है. कार्यक्रम में शत्रुधन पासवान, अनिल मंडल, शंकर मंडल, सकीचन मांझी, शंभु साव, चंदन कुमार, उमेश कुमार, विमला देवी, लक्ष्मी देवी, किरण देवी, पार्वती देवी, फूल कुमारी आदि उपस्थित थे.