बिहार: लखीसराय पुलिस ने बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह को पकड़ा, लाखों की करते थे हेराफेरी, पांच धराये

बिहार के लखीसराय पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. गिरोह में शामिल एक नाबालिग सहित पांच अपराधियों को लखीसराय व पटना से गिरफ्तार भी किया है. जबकि छापेमारी के दौरान चार अपराधी फरार पाये गये.

बिहार के लखीसराय पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. गिरोह में शामिल एक नाबालिग सहित पांच अपराधियों को लखीसराय व पटना से गिरफ्तार भी किया है. जबकि छापेमारी के दौरान चार अपराधी फरार हो गए. गिरफ्तार अपराधियों के पास से 2.58 लाख रुपये सहित 13 मोबाइल, 12 एटीएम कार्ड, 16 सीम, छह बैंक पासबुक, दो चेक बुक सहित पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई कार्ड, ई-श्रम कार्ड व आधार कार्ड बरामद किया गया. इस संबंध में शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में एसपी पंकज कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर पूरी जानकारी दी.

एसपी ने बताया कि विगत 21 जून को उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि बन्नूबगीचा थाना स्थित जानकीडीह बेलदरिया के युवकों के द्वारा आम जनता को बरगलाकर उनका बैंक खाता, सीम, एटीएम कार्ड रुपयों का लालच देकर हवाला एवं साइबर क्राइम का रुपये उनके खाते में मंगवाया जाता है. साथ ही उक्त खाता को अन्य गिरोह के सदस्यों को भी बेच दिया जाता है. जिसके बाद उन्होंने एएसपी रौशन कुमार के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया. इस क्रम में बन्नूबगीचा के थानाध्यक्ष के द्वारा जानकीडीह बेलदरिया निवासी रामाशीष बिंद के पुत्र पंकज कुमार को पकड़ा गया. गिरफ्तारी के बाद पंकज से मिली जानकारी के अनुसार शहर के पचना रोड चौक से जानकीडीह बेलदरिया के ही कालीचरण बिंद के पुत्र संतोष कुमार को पकड़ा गया. जिसके पास से एक मोबाइल, एक यूनियन बैंक का एटीएम एवं दो सीम तथा पांच हजार रुपये बरामद किया गया.

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गिरफ्तार दोनों अपराधी पंकज व संतोष ने बताया कि वह लोगों से बैंक खाता, सीम एटीएम कार्ड रुपये देकर लेता है तथा किऊल थाना क्षेत्र के रामसीर गांव निवासी छोटन बिंद के पुत्र रतन कुमार को देते हैं. जिसके बाद संतोष की निशानदेही पर पटना स्थित नया देवी मंदिर के पास से रतन बिंद को पकड़ा गया. जिसके पास से एक मोबाइल चार फिनो पेमेंट बैंक का एटीएम कार्ड, चार सीम व 50 हजार रुपये बरामद किया गया. वहीं गिरफ्तार रतन ने बताया कि वह किऊल थाना क्षेत्र के ही रामसीर गांव निवासी स्व आनंदी प्रसाद सिंह के पुत्र ललन सहित सहित एक अन्य गोलू (अपचारी किशोर) को देता था. जिसके बाद रतन की निशानदेही पर पुलिस ललन व गोलू को पटना स्थित मिथिला कॉलोनी दीघा से पकड़ने पहुंची तो वैसे ही ललन द्वारा अपना फोन को क्षतिग्रस्त किया जाने लगा, जिसे एसआईटी द्वारा पकड़ा गया.

ललन सिंह के पास से एक क्षतिग्रस्त मोबाइल एवं तीन बंद मोबाइल, छह सीम, तीन एटीएम कार्ड, दो लाख रुपये, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईकार्ड, ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड बरामद किया गया. वहीं अपचारी किशोर के पास से पांच मोबाइल, दो सीम बरामद किया गया. पकड़ाये गये ललन सिंह ने बताया कि वे सभी इस धंधे में काफी दिनों से जुड़ा हुआ है. व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सारा धंधा चलाता है तथा पूरे देश से आने वाले हवाला एवं साइबर अपराध के पैसे की निकासी तथा सीडीएम किया जाता है.

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