Bihar Flood Alert: उत्तर बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर साफ दिखने लगा है. कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. जल संसाधन विभाग के अनुसार कोसी नदी का जलस्तर इस मानसून के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. इसके चलते उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
कोसी नदी इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल के बराहक्षेत्र में कोसी नदी का डिस्चार्ज 1.52 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया, जो इस साल का सबसे अधिक है. वहीं वीरपुर बराज पर भी कोसी का प्रवाह बढ़कर 1.86 लाख क्यूसेक पहुंच गया है, जो 2026 का अब तक का सर्वाधिक स्तर है.
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रवाह पिछले वर्षों के मुकाबले अभी काफी कम है. वर्ष 2025 में वीरपुर बराज पर करीब 5.30 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जबकि वर्ष 1968 में यहां 7.89 लाख क्यूसेक तक पानी पहुंच चुका है.
इन नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर
बिहार के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
- गंडक नदी (डुमरियाघाट, गोपालगंज) – खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर
- बागमती नदी (बेनीबाद, मुजफ्फरपुर) – खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर
- कमला बलान (झंझारपुर, मधुबनी) – खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर
- कोसी (बलतारा, खगड़िया) – खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर
इन इलाकों में प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है.
कई जिलों में हुई झमाझम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई.
- मांझी – 97 मिमी
- शीतलपुर – 108.2 मिमी
- दानापुर – 95.9 मिमी
- हाथीदह – 80.6 मिमी
- अररिया – 78.4 मिमी
- लालगंज – 73.2 मिमी
- हाजीपुर – 73 मिमी
नेपाल में हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है.
गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ा
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा नदी के जलस्तर में क्रमशः 24 सेंटीमीटर, 30 सेंटीमीटर और 16 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि इन सभी स्थानों पर गंगा अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है.
वहीं इस्माईलपुर-बिंद टोली स्पर-07 पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर 23 सेंटीमीटर बढ़कर 28.46 मीटर दर्ज किया गया. इसके बावजूद पानी अभी तटबंध के लिए सुरक्षित बताया गया है.
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
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