Mobile Torch Light Treatment बिहार के भोजपुर जिले के कोईलवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार शाम बिजली गुल होने के दौरान इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे घायल मरीज को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में टांका लगाए जाने का वीडियो सामने आया है. अस्पताल का जेनरेटर चालू नहीं हो सका. अस्पताल में मौजूद लोगों के अनुसार, बिजली कटने के बाद कुछ देर तक इमरजेंसी समेत अन्य हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं थी. कोईलवर निवासी मोनू सोमवार शाम करीब पांच बजे अपने घायल दोस्त को लेकर सीएचसी पहुंचे थे. उनके दोस्त के अंगूठे के पास चाकू से चोट लगी थी. अस्पताल पहुंचने के समय बिजली नहीं थी. जेनरेटर भी तत्काल चालू नहीं हुआ. इसके बाद अस्पताल के गार्ड ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर रोशनी की. इसी रोशनी में स्वास्थ्यकर्मी ने घायल मरीज के जख्म पर टांका लगाया.
मोबाइल की रोशनी में घायल को लगाया टांका
बिजली कटने के दौरान सीएचसी में दो अन्य मरीजों को भी आरएल चढ़ाए जाने की बात सामने आयी. मरीजों के परिजनों का कहना था कि शाम करीब पांच बजे से बिजली कटी हुई थी. जेनरेटर चालू नहीं होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
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करीब 35 मिनट बाद चालू हुआ जेनरेटर
बिजली कटने के बाद भी जेनरेटर चालू नहीं होने पर मरीजों के परिजन के हंगामा करने के बाद करीब 35 मिनट बाद जेनरेटर चालू किया गया. अस्पताल के एक गार्ड ने बताया कि जेनरेटर का तेल खत्म हो गया था. तेल डलवाने के बाद जेनरेटर चालू किया गया. स्थानीय लोगों को अनुसार इससे पहले भी बिजली कटने के दौरान मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में बच्ची को टांका यहां पर लगाया जाता रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि इमरजेंसी में बिजली जाने के बाद वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था नहीं होने और जेनरेटर के तत्काल चालू नहीं होने की घटना आम है.
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