अस्पताल के बाहर 'शीतल शुद्ध पेयजल' केंद्र सूखा, प्यासे लौटे मरीज और परिजन

ठाकुरगंज अनुमंडलीय अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगा पेयजल केंद्र बंद मिला, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और परिजनों को पानी के लिए भटकना पड़ा. मजबूरी में कई लोगों ने बाहर से बोतलबंद पानी खरीदा, जबकि स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

ठाकुरगंज अनुमंडलीय अस्पताल के बाहर बुधवार सुबह सरकारी व्यवस्था की एक बड़ी खामी सामने आई. अस्पताल के मुख्य द्वार के पास नगर पंचायत की ओर से लगाया गया 'शीतल शुद्ध पीने का जल' केंद्र पूरी तरह बंद मिला. पेयजल टंकी खाली थी और नल से पानी की एक बूंद भी नहीं निकल रही थी. ऐसे में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा.

मरीजों को खरीदना पड़ा बोतलबंद पानी

अस्पताल पहुंचे कई मरीज और उनके परिजन प्यास बुझाने के लिए पेयजल केंद्र तक पहुंचे, लेकिन वहां पानी उपलब्ध नहीं था. मजबूरी में कई लोगों ने बाहर से बोतलबंद पानी खरीदा, जबकि कुछ लोग आसपास अन्य जगहों पर पानी की तलाश करते रहे.

रोजाना सैकड़ों लोगों का रहता है आना-जाना

अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और दूर-दराज से आने वाले लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे स्थान पर पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का बंद होना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. अस्पताल के बाहर लगा बोर्ड 'शीतल शुद्ध पीने का जल' का दावा करता है, लेकिन मौके पर स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई दी.

लोगों ने उठाए रखरखाव पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक पेयजल केंद्रों में समय पर पानी की व्यवस्था नहीं होगी, तो ऐसी योजनाएं केवल दिखावे तक सीमित रह जाएंगी. उनका आरोप है कि नियमित निगरानी और रखरखाव के अभाव में यह सुविधा शोपीस बनकर रह गई है.

पेयजल केंद्र चालू कराने की मांग

स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों से अस्पताल के बाहर स्थित पेयजल केंद्र को तत्काल चालू कराने तथा इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को कम से कम पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए.


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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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