किशनगंज. जिले के दिघलबैंक प्रखंड में आगामी जनगणना को लेकर प्रशिक्षण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तरीके से कराने की तैयारी की गई है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.प्रखंड परिसर में प्रगणकों (एन्यूमरेटर) एवं पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य को त्रुटिरहित, पारदर्शी और तेज बनाना है. प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेश मंडल ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी. सभी आंकड़े स्मार्टफोन के माध्यम से एकत्र किए जाएंगे, जिससे डेटा संग्रहण और विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक सरल व सटीक हो जाएगी.उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि मकान सूचीकरण, घर-घर सर्वेक्षण और 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली को सही ढंग से भरना बेहद महत्वपूर्ण है. प्रशिक्षण में शामिल प्रगणकों को प्रत्येक बिंदु की बारीकियों से अवगत कराया गया, ताकि वे फील्ड में जाकर बिना किसी त्रुटि के डेटा संग्रह कर सकें. इसके अलावा भवन एवं मकान की पहचान, उनके वर्गीकरण तथा सामान्य और संस्थागत परिवारों के बीच अंतर को भी स्पष्ट रूप से समझाया गया.
491 प्रगणक व पर्यवेक्षकों को जनगणना के लिए किया गया प्रशिक्षित
डिजिटल माध्यम से जनगणना कराने से समय की बचत होगी व आंकड़ों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा.वहीं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने सभी प्रगणकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी,पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करें. फील्ड में प्रगणकों की गतिविधियों की सतत निगरानी करें. किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत उसका समाधान सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है.उन्हें आधुनिक निगरानी तकनीकों और रिपोर्टिंग प्रक्रिया की भी जानकारी दी.प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर जय प्रकाश दास, प्रसनजीत घोष,शाहिदुल इस्लाम,तनवीर आजम,चंदन कुमार पांडे, सत्येंद्र कुमार सिंह सहित सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे.
