पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने की थी गलत शिनाख्त, अब मृतक की पहचान करने व परिजन की तलाश में जुटी पुलिस
किशनगंज. सदर थाना क्षेत्र में एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है. मामले में एक युवक को मृत मानकर परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन बाद में वह युवक जीवित निकला. अंतिम संस्कार से पहले शव का पोस्टमार्टम भी करवाया गया था. पूरा मामला सदर थाना क्षेत्र के मोतीबाग निवासी एक युवक से जुड़ा हुआ है.जानकारी के अनुसार खगड़ा तीन नंबर रेलवे फाटक के निकट बीते गुरुवार की देर रात को एक एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गयी थी. सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंची व शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. इस मामले में सदर थाना में यूडी केस दर्ज करवाया गया था. इधर मोतीबाग का एक व्यक्ति अमर चौहान भी गुरुवार से लापता था. लापता व्यक्ति के परिजन शुक्रवार की सुबह मोतीबाग से सदर अस्पताल पहुंचे थे.
परेशान होने के कारण परिजनों ने भी शव की पहचान मोतीबाग निवासी अमर के रूप में कर ली. परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर घर चले गए, जिसके बाद शव को अमर का शव मान कर अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. अंतिम संस्कार करने के बाद मोतीबाग निवासी परिजन को एक व्यक्ति का फोन आया कि अमर जिंदा है व बंगाल के पांजीपाड़ा में है. यह सुनकर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी व बंगाल के पांजीपाड़ा से अमर को सकुशल लाया गया.सदर थाना की पुलिस को भी मामले की सूचना दी गयी. इधर मामले में पुलिस के द्वारा सदर थाना में एक और यूडी केस दर्ज करवाया गया है. एसपी संतोष कुमार ने बताया कि परिजनों की पहचान के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाता है. इस केस में भी ऐसा ही किया गया था. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया है, उसकी शिनाख्त करवाई जा रही है.
