ओबीसी जनगणना और एससी-एसटी अधिकारों को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा का हल्लाबोल, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

ओबीसी के साथ नाइंसाफी है.

किशनगंज भारत मुक्ति मोर्चा के बैनर तले आज जिला अध्यक्ष राजेंद्र पासवान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर किशनगंज मुख्यालय के टाउन हॉल के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और एक मांग पत्र सौंपा गया. धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र पासवान ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कैबिनेट में ओबीसी जनगणना का फैसला तो लिया, लेकिन नोटिफिकेशन में जातियों के लिए अलग कॉलम नहीं दिया. यह ओबीसी समुदाय के साथ सीधा धोखा है. हमारी मांग है कि आगामी राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाए. पहले कमजोर रेगुलेशन बनाना और फिर सुप्रीम कोर्ट में सही पैरवी न करना एससी-एसटी और ओबीसी के साथ नाइंसाफी है. सरकार एससी-एसटी और ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर तुरंत लागू करे. 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा की बाध्यता से मुक्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई. यदि हमारी ये जायज मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी.

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By AWADHESH KUMAR

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