किशनगंज जिले में मौसम की पहली तेज आंधी-बारिश ने ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी. गुरुवार रात आई तेज हवा और बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई. हालात यह रही कि कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही, जबकि दिन भर बिजली आने-जाने का लूका-छिपी का खेल चलता रहा. इस अव्यवस्था से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. सबसे अधिक असर दिघलबैंक प्रखंड सहित ग्रामीण इलाकों में देखा गया. यहां कई गांवों में रात से लेकर अगले दिन दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी. तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए और कुछ जगहों पर पोल भी झुक गए, जिससे सप्लाई बाधित हो गई. ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश और हवा में ही बिजली व्यवस्था ठप हो जाना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में अब भी पांच दशक पुराने जर्जर बिजली के पोल और तार लगे हुए हैं. इनकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि थोड़ी सी तेज हवा भी इन्हें झेल नहीं पाती. कई जगहों पर तार नीचे लटकते नजर आते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग को इसकी शिकायत भी की, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं की गई. रात भर बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की परेशानी और बढ़ गई.वहीं सुबह होने के बाद भी बिजली का आना-जाना जारी रहा, जिससे दैनिक कामकाज भी प्रभावित हुआ. बिजली पर निर्भर छोटे व्यवसाय और दुकानदारों को भी नुकसान झेलना पड़ा. दिघलबैंक और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों ने बताया कि हर साल आंधी-बारिश के मौसम में यही स्थिति बन जाती है.जैसे ही तेज हवा चलती है, बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और इसे बहाल करने में घंटों, कभी-कभी पूरे दिन लग जाते हैं. स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि पुराने और जर्जर पोल तथा तारों को जल्द बदला जाए, ताकि ऐसी स्थिति से राहत मिल सके. उनका कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंधी-तूफान के दौरान समस्या और गंभीर हो सकती है. इधर बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेज हवा के कारण कई जगहों पर तार टूटने की सूचना मिली थी, जिसे दुरुस्त कर आपूर्ति शुरू कर दी गई है. विभाग का दावा है कि अधिकतर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और जहां समस्या बाकी है वहां मरम्मत का कार्य जारी है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी समाधान के बिना हर साल यही हालात दोहराए जाते रहेंगे.
पहली ही आंधी-बारिश में चरमराई बिजली व्यवस्था,रात भर गुल रही सप्लाई
हल्की बारिश और हवा में ही बिजली व्यवस्था ठप
