किशनगंज भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले में विदेशी फंड के उपयोग को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है. जिला प्रशासन ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के तहत आने वाली संस्थाओं की गतिविधियों की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है. जारी आदेश के अनुसार, सीमा क्षेत्र में संचालित व्यावसायिक संस्थान, बड़े भवन, प्रतिष्ठान और आवासीय परिसरों में विदेशी फंड के आय-व्यय और लेन-देन की गहन जांच की जाएगी. प्रशासन को आशंका है कि सीमा से सटे इलाकों में विदेशी फंड के उपयोग में अनियमितताएं हो सकती हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है. बताते चले जांच के लिए गठित टीम में वरीय कोषागार पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सदर, राज्य कर संयुक्त आयुक्त और अग्रणी बैंक प्रबंधक को शामिल किया गया है. यह टीम संबंधित संस्थाओं के वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल करेगी. डीएम विशाल राज के द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विदेशी अंशदान के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है. प्रशासन के इस कदम से जिले में संचालित संस्थाओं में हलचल मच गई है. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज हो सकती है, जिससे कई संस्थाओं की गतिविधियां जांच के दायरे में आ सकती हैं .
सीमा क्षेत्र में विदेशी फंड पर सख्ती, किशनगंज में जांच टीम गठित
वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल करेगी
