उच्च शिक्षा का हाल बेहाल! 12 बजे तक बंद रहा ठाकुरगंज इंटर कॉलेज, कमरों में लटके मिले ताले

ठाकुरगंज इंटर कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों के समय भी ताले लटके मिले, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. नामांकित छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है, जबकि शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

ठाकुरगंज ; ठाकुरगंज इंटर कॉलेज की व्यवस्था पर सोमवार को सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आयी. दोपहर 12 बजे तक कॉलेज के कई कमरों में ताले लटके मिले, जबकि प्राचार्य कक्ष भी बंद नजर आया. जिस समय कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां होनी चाहिए थीं, उस समय परिसर में सन्नाटा पसरा था.

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नामांकन है, पढ़ाई की व्यवस्था पर सवाल

वर्तमान में ठाकुरगंज इंटर कॉलेज के कला संकाय में 120 विद्यार्थी और वाणिज्य संकाय में महज 5 विद्यार्थी नामांकित हैं. विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन और शिक्षा विभाग की है. ऐसे में पढ़ाई के समय कॉलेज के कमरों में ताले लगे मिलना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

सभी व्याख्याता हो चुके हैं सेवानिवृत्त

कॉलेज सूत्रों के अनुसार यहां कार्यरत सभी व्याख्याता सेवानिवृत्त हो चुके हैं. सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्त व्याख्याताओं को एक्सटेंशन देकर शिक्षण कार्य जारी रखने की बात कही गयी है. इसके बदले आंतरिक मद से भुगतान किये जाने की भी चर्चा है.

ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि एक्सटेंशन की प्रक्रिया किस आधार पर की गयी है और आंतरिक मद से भुगतान की व्यवस्था किस नियम के तहत होगी. इन बिंदुओं की भी जांच जरूरी है.

12 बजे तक क्यों बंद रहे कमरे?

जब कॉलेज में विद्यार्थी नामांकित हैं और नियमित पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए, तो आखिर दोपहर 12 बजे तक कक्षाओं और कार्यालय में ताले क्यों लगे रहे? यह सवाल विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए भी अहम है.

कॉलेज में शिक्षकों की उपलब्धता, नियमित कक्षाओं के संचालन और सेवानिवृत्त व्याख्याताओं को एक्सटेंशन दिये जाने की प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है.

व्यवस्था सुधारने की जरूरत

ठाकुरगंज इंटर कॉलेज की मौजूदा स्थिति क्षेत्र में उच्च शिक्षा की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाती है. नामांकित विद्यार्थियों को पढ़ाई का नियमित माहौल मिले, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता और संचालन व्यवस्था की समीक्षा कर ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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