किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की भोरहा पंचायत में रामपुर से टेढ़ागाछ जाने वाली मुख्यमंत्री ग्राम सड़क (एलओ-40) का फुलबाड़ी से फुलवाड़िया तक 1.621 किलोमीटर लंबा हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो गया है. करीब तीन वर्ष पहले 1 करोड़ 54 लाख 14 हजार 379 रुपये की लागत से बनी यह सड़क अब जगह-जगह टूट चुकी है. बड़े-बड़े गड्ढों और कटे हुए किनारों के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश में और बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार हल्की बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव हो जाता है, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. खराब सड़क के कारण वाहनों का परिचालन भी प्रभावित हो रहा है.
मेंटेनेंस अवधि में भी नहीं हुई मरम्मत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे. सड़क अभी मेंटेनेंस अवधि में है, इसके बावजूद विभाग और संवेदक की ओर से समुचित मरम्मत नहीं कराई गई. ग्रामीणों का कहना है कि केवल औपचारिकता निभाते हुए कुछ गड्ढों को भर दिया गया.
दो बड़े हादसों का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि इसी सड़क पर अब तक दो बड़े हादसे हो चुके हैं. कई बार संबंधित अधिकारियों को फोन पर सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया.
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं संवेदक पर कार्रवाई करने तथा सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित कराने की मांग की है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस सड़क का निर्माण जैन कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया गया था.
