बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे सात बच्चों को कराया मुक्त

बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे सात बच्चों को कराया मुक्त

किशनगंज. किशनगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने राहत संस्था के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार की शाम को सात बच्चों को मुक्त करवाया है. बच्चों को बाल मजदूरी के लिए दूसरे शहरों में ले जाया जा रहा था. यह कार्रवाई ऑपरेशन एएचटीयू के तहत की गयी. आरपीएफ के सहायक अवर निरीक्षक एचपीएस सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ की टीम ने राहत के साथ मिलकर अभियान चलाया. प्लेटफॉर्म संख्या दो पर संदिग्ध हालत में घूम रहे इन बच्चों को देखा गया. पूछताछ में पता चला कि इनमें से कुछ बच्चे किशनगंज, अररिया और मधेपुरा जिले के है. सभी बच्चों की उम्र 13 से 16 साल के बीच है. पूछने पर आरपीएफ को बताया कि वे काम करने के लिए दूसरे शहर में जा रहे थे. आरपीएफ ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं व सत्यापन के बाद इन बच्चों को राहत के जिला समन्वयक के सुपुर्द कर दिया है. बच्चों की सेहत ठीक बताई जा रही है. आरपीएफ निरीक्षक एचके शर्मा ने बताया कि विशेष अभियान के तहत सात बच्चों को मुक्त करवाया गया है. इन बच्चों को किसी ट्रेन से बाल मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में ले जाए जाने की योजना थी.

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Published by: Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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