स्कूलों में डिजिटल हाजिरी पर सवाल, डेटा में ''लॉग आउट'' का जिक्र नहीं

स्कूलों में डिजिटल हाजिरी पर सवाल, डेटा में 'लॉग आउट' का जिक्र नहीं

पूरे महीने के बजाय केवल एक दिन की रिपोर्ट सार्वजनिक, सिस्टम की पारदर्शिता पर उठे सवाल

किशनगंज. जिले के सरकारी स्कूलों में लागू डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में शिक्षकों के केवल आने (लॉगिन) का समय दर्ज है, जबकि जाने (लॉग आउट) का कोई उल्लेख नहीं है. इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि शिक्षक निर्धारित समय तक विद्यालय में मौजूद रहे या नहीं. सबसे अहम बात यह है कि एक अप्रैल से शुरू हुई मॉर्निंग स्कूल व्यवस्था के बावजूद अब तक सिर्फ एक दिन का ही डेटा जारी किया गया है. पूरे महीने के बजाय एक दिन के आंकड़े सामने आने से पारदर्शिता और नियमित निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं, जिसे शिक्षा जगत में संशय की दृष्टि से देखा जा रहा है.

प्रखंडवार आंकड़े: पोठिया में सबसे अधिक लेट लॉगिन

रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 631 शिक्षकों के ””लेट लॉगिन”” दर्ज किये गये हैं.

प्रखंडवार स्थिति :

पोठिया: 181

ठाकुरगंज: 133

कोचाधामन: 97

बहादुरगंज: 84

टेढ़ागाछ: 56

किशनगंज: 47

दिघलबैंक: 33

जवाबदेही व सिस्टम की विश्वसनीयता

शिक्षा व्यवस्था से जुड़े जानकारों का कहना है कि जब उपस्थिति का डेटा ही अधूरा होगा, तो किसी भी तरह की जवाबदेही तय करना मुश्किल हो जाएगा. आने का समय दिखाना और जाने का समय छिपाना, पूरे सिस्टम की साख पर सवाल खड़ा करता है. अभिभावकों में भी इस विसंगति को लेकर नाराजगी है. उनका कहना है कि डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता लाना था, लेकिन मौजूदा स्थिति इसके विपरीत दिख रही है. फिलहाल, विभाग की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आयी है. ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या पूरे महीने का डेटा सार्वजनिक किया जाएगा और क्या इस अधूरे रिकॉर्ड के आधार पर कोई ठोस कार्रवाई संभव हो पाएगी.

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By AWADHESH KUMAR

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