सड़क पर मौत को दावत दे रही ट्रैक्टर की ओवरलोडिंग ट्रालियां, डीएम के आदेश का नहीं हो रहा अनुपालन

सड़क पर मौत को दावत दे रही हैं ईट से लदी ट्रैक्टर की ट्रालियां. बात चाहे शहरी क्षेत्र की करें अथवा ग्रामीण क्षेत्र की, हर जगह ट्रैक्टर की ट्रालियां यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रही है.

पौआखाली(किशनगंज).सड़क पर मौत को दावत दे रही हैं ईट से लदी ट्रैक्टर की ट्रालियां. बात चाहे शहरी क्षेत्र की करें अथवा ग्रामीण क्षेत्र की, हर जगह ट्रैक्टर की ट्रालियां यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रही है तो वहीं जिम्मेदार लोग हाथ पे हाथ धरे खामोश बैठे हैं. जिला पदाधिकारी तुषार सिंगला के स्पष्ट आदेश के बावजूद कि ट्रैक्टर में इस्तेमाल होने वाली डबल ट्रालियां और उसपर होने वाले ओवरलोडिंग परिचालन पर परिवहन विभाग कार्रवाई करें. किंतु इस आदेश का अनुपालन नहीं हो पा रहा है. गौरतलब हो कि ट्रैक्टर की ट्रालियों का रजिस्ट्रेशन कृषि कार्य के लिए होता है लेकिन यहां तो कृषि कार्य के बजाए ट्रालियों का इस्तेमाल व्यवसायिक कार्य में किया जा रहा है. ट्रालियों पर ओवरलोडिंग की जाती है. जिले के पौआखाली और सुखानी थानाक्षेत्र में ट्रालियों में ओवरलोडिंग परिवहन किया जाता है. गौरतलब हो कि सुखानी थानाक्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठों से लगातार ट्रैक्टर की ट्रालियों में ईंटों का ओवरलोडिंग परिवहन किया जाता है. यहां नेशनल हाइवे मार्ग 327 ई के अलावे पौआखाली नगर बाजार के बीचों बीच मुख्य सड़क होकर किशनगंज मुख्यालय तक ईंटों का ओवरलोडिंग परिवहन किया जाता है जिस कारण सड़क दुर्घटना की हमेशा आशंका बनी रहती है. ट्रैक्टर ट्रॉली में एक हजार ईंटों के बदले चौदह सौ से भी अधिक ईंटों को लादकर एक मोटे रस्सा से बांध बस दिया जाता है जिसके बाद द्रुतगति से चालक गंतव्य स्थल की ओर ट्रैक्टर को लेकर भागना शुरू करते हैं ताकि पुनः लोडिंग के लिए जल्दी लौट भी सके. इसी दौरान ट्रैक्टरों के दोनो साइड और पीछे पीछे चलने वाले साइकिल बाइक सवार ओटो टोटो या पैदल राहगीरों को जान पर खतरा महसूस होने लगता है. क्योंकि ट्रॉली में बंधा रस्सा अगर टूट जाए तो चलती ट्रैक्टर की ट्रॉली से ईंटें छिटककर सड़क पर गिरने लग जाएगी और तब सड़क दुर्घटना का शिकार होकर राहगीर की मौत तक संभव है. इसलिए परिवहन विभाग के साथ ही साथ पुलिस प्रशासन को इस ओर बिलकुल ही ध्यान देने की जरूरत है ताकि ट्रैक्टर चालक और मालिकों की मनमानियों पर रोक लगाई जा सके तथा सही तरीके से यातायात नियमों का पालन हों और लोग सड़कों पर खुद को सुरक्षित भी महसूस कर सकें.

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