ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
किशनगंज : राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई पर यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया आधुनिक रेस्ट एरिया आज भी संचालन शुरू होने का इंतजार कर रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने और जनवरी 2025 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हैंडओवर किए जाने के बावजूद यह परिसर अब तक आम यात्रियों के लिए नहीं खोला गया है. रखरखाव के अभाव में परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति वीरान पड़ी है.
गलगलिया-अररिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर ठाकुरगंज से करीब नौ किलोमीटर दूर ग्वालबस्ती के समीप भारतमाला परियोजना के तहत करीब चार एकड़ क्षेत्र में इस रेस्ट एरिया का निर्माण कराया गया था. यहां रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, डॉरमेट्री, विशाल पार्किंग, गार्डन, पेट्रोल पंप, वाहन सर्विस सेंटर समेत कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं. इसका उद्देश्य लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को एक ही स्थान पर विश्राम, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था.
हैंडओवर के बाद भी नहीं शुरू हुआ संचालन
निर्माण एजेंसी जीआर इंफ्रा ने जनवरी 2025 में रेस्ट एरिया का निर्माण पूरा कर इसे एनएचएआई को सौंप दिया था. उस समय जल्द टेंडर जारी कर संचालन शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. इसके कारण यह सुविधा अब तक उपयोग में नहीं आ पाई है.
रखरखाव के अभाव में बिगड़ रही स्थिति
मौके पर रेस्टोरेंट बंद मिले, डॉरमेट्री खाली पड़ी है और पार्किंग में वाहनों की जगह झाड़ियां उग आई हैं. पूरे परिसर में रखरखाव का अभाव साफ दिखाई देता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द संचालन शुरू नहीं हुआ तो परिसर की स्थिति और खराब हो जाएगी.
यात्रियों के बजाय जनसभाओं में हुआ उपयोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए इस परिसर का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता रहा है. 11 मई 2025 को मुख्यमंत्री की जनसभा भी इसी परिसर में आयोजित हुई थी, लेकिन इसके बाद भी आम लोगों के लिए इसे शुरू नहीं किया गया.
सीमांचल का महत्वपूर्ण मार्ग है एनएच-327ई
एनएच-327ई सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है. भारतमाला परियोजना के तहत विकसित इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रक, बसें और अन्य वाहन गुजरते हैं. बागडोगरा से अररिया की दूरी इस मार्ग से लगभग 129 किलोमीटर है, जबकि पूर्णिया होकर यही दूरी करीब 208 किलोमीटर पड़ती है. कम दूरी और कम टोल होने के कारण इस मार्ग पर यातायात लगातार बढ़ रहा है.
एनएचएआई से उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब निर्माण पूरा हो चुका है और परिसर एनएचएआई को सौंपा जा चुका है, तो यात्रियों के लिए इसे शुरू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है. लोगों ने शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर रेस्ट एरिया का संचालन शुरू कराने की मांग की है.
एनएचएआई का पक्ष
इस संबंध में एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रवीण कटियार से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. खबर लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया था.
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