स्वास्थ्य सेवाओं की राष्ट्रीय परीक्षा, दो केंद्रों का होगा मूल्यांकन

स्वास्थ्य सेवाओं की राष्ट्रीय परीक्षा, दो केंद्रों का होगा मूल्यांकन

वल्दिया हाट व धंतोला स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक प्रमाणीकरण की दौड़ में

किशनगंज. ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, भरोसेमंद व गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में किशनगंज जिला एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुका है. वल्दिया हाट स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र को राज्य स्तर पर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत 79 अंक के साथ प्रमाणीकरण प्राप्त होने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए तैयार है. 29 अप्रैल को धंतोला स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र व 30 अप्रैल को वल्दिया हाट स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का निरीक्षण राष्ट्रीय मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा किया जाएगा. यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता की वास्तविक परीक्षा है.

राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक गुणवत्ता की निरंतर यात्रा

वल्दिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने पहले ही राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा सकती हैं. अब राष्ट्रीय स्तर पर निरीक्षण के लिए चयनित होना इस उपलब्धि को और ऊंचाई प्रदान करता है. वहीं धंतोला स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का इस प्रक्रिया में शामिल होना यह दर्शाता है कि जिले के अन्य केंद्र भी तेजी से गुणवत्ता मानकों को अपनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं.सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि यह हमारे जिले के लिए गर्व का विषय है कि दो स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र राष्ट्रीय स्तर के निरीक्षण के लिए तैयार हैं. यह हमारे चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रबंधन की निरंतर मेहनत और गुणवत्ता के प्रति समर्पण का परिणाम है. हमारा लक्ष्य है कि हर केंद्र पर मरीजों को सुरक्षित, सम्मानजनक व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों.

प्रशासनिक नेतृत्व और जनभागीदारी का सशक्त प्रभाव

जिलाधिकारी विशाल राज ने इस पहल को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर का यह निरीक्षण हमारे प्रयासों की सच्ची कसौटी है. जिला स्वास्थ्य समिति ,पिरामल स्वास्थ्य की टीम ,पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम जनता के सहयोग से ही यह संभव हुआ है. हमारा प्रयास है कि जिले के प्रत्येक गांव में लोगों को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मूल्यांकन से न केवल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता भी मजबूत होती है.

गुणवत्ता प्रबंधन व तकनीकी मार्गदर्शन की अहम भूमिका

जिला गुणवत्ता आश्वासन समिति की सक्रिय भूमिका इस सफलता के पीछे एक मजबूत आधार के रूप में उभरी है. प्रभारी जिला गुणवत्ता आश्वासन समन्वयक सुमन सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा के प्रत्येक पहलू का व्यापक मूल्यांकन है. इसमें स्वच्छता, मरीजों के साथ व्यवहार, दवाओं की उपलब्धता, रिकॉर्ड प्रबंधन और सेवाओं की निरंतरता शामिल होती है. हमारी टीम ने लगातार प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और निगरानी के माध्यम से इन केंद्रों को तैयार किया है. हमें विश्वास है कि दोनों केंद्र राष्ट्रीय मानकों पर सफल होंगे.

ग्रामीणों के लिए बढ़ेगा भरोसा व सुविधाओं का विस्तार

राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण प्राप्त होने के बाद इन केंद्रों को अतिरिक्त संसाधन और सहयोग प्राप्त होगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत होगा. अब ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में नियमित जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य बीमारियों का उपचार, तथा स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं समय पर और निःशुल्क मिल सकेंगी. इससे उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित होगा.वल्दिया हाट एचडब्लूसी पहले ही जिले के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुका है और अब धंतोला स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जब नेतृत्व सशक्त हो, टीम समर्पित हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं स्थापित की जा सकती हैं.आगामी 29 व 30 अप्रैल का यह निरीक्षण किशनगंज जिले के लिए केवल एक मूल्यांकन नहीं, बल्कि एक नई पहचान गढ़ने का अवसर है, जहां हर गांव में गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा एक सशक्त वास्तविकता बनती जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >