किशनगंज, दिघलबैंक. दिघलबैंक प्रखंड मुख्यालय स्थित समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) कार्यालय परिसर में मंगलवार को बिहार प्रदेश आंगनबाड़ी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पांच सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान सेविकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की.
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांग पत्र
बिहार प्रदेश आंगनबाड़ी संघ के प्रदेश कार्यालय, पटना के निर्णय के आलोक में संघ की प्रखंड शाखा दिघलबैंक की ओर से धरना आयोजित किया गया. प्रदर्शन के बाद बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, बिहार सरकार के नाम मांग पत्र सौंपा गया.
मानदेय को लेकर प्रमुख मांग
धरना पर बैठी सेविकाओं ने उन्हें वेतन अथवा न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय देने की मांग की. साथ ही खंडित मानदेय व्यवस्था समाप्त कर पूर्व की तरह नियमित मानदेय देने तथा मोबाइल रिचार्ज के लिए प्रत्येक माह बाजार दर के अनुसार राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी.
सेवानिवृत्ति लाभ और प्रोन्नति की मांग
सेविकाओं ने सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी सहित अन्य लाभ देने की भी मांग की. इसके अलावा योग्य आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रोन्नति देकर महिला पर्यवेक्षिका के पद पर बहाल करने की मांग उठाई गई.
जिलाध्यक्ष ने कहा, सेविकाओं को मिले सम्मानजनक मानदेय
संघ की जिलाध्यक्ष शहनाज फातमा ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने सरकार से सेविकाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की.
दर्जनों सेविकाएं रहीं मौजूद
धरना-प्रदर्शन में कौशल्या देवी, साजन कुमारी, अजगरी बेगम सहित प्रखंड क्षेत्र की दर्जनों आंगनबाड़ी सेविकाएं मौजूद रहीं.
