किशनगंज : मानिकपुर स्थित कल्वर्ट धंसने की घटना के कुछ ही सप्ताह बाद ठाकुरगंज–मुरारीगाछ मार्ग पर एक और संभावित खतरे के संकेत सामने आए हैं. इस बार ईदगाह/बाईपास के समीप स्थित कल्वर्ट के पास सड़क पर कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों ने पथ निर्माण विभाग से तत्काल तकनीकी जांच कराने और आवश्यक मरम्मत की मांग की है.
बारिश के बाद सड़क पर दिखीं दरारें
सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने सड़क के बीच और किनारों पर कई जगह दरारें देखीं. लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण कल्वर्ट के आसपास की जमीन और सड़क कमजोर होती नजर आ रही है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इसकी जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है.
प्रमुख संपर्क मार्ग होने से बढ़ी चिंता
ठाकुरगंज–मुरारीगाछ मार्ग सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है. इस सड़क से प्रतिदिन स्कूल वाहन, एंबुलेंस, किसानों के वाहन, व्यापारिक वाहन और भारी मालवाहक वाहन गुजरते हैं. ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है.
विभाग पहले ही दे चुका है चेतावनी
कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, किशनगंज ने 10 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को भेजे पत्र में उल्लेख किया था कि ठाकुरगंज–मुरारीगाछ मार्ग की 21 पुलियां 30 वर्ष से अधिक पुरानी हैं. ये पुलियां ईंट और ह्यूम पाइप से निर्मित हैं तथा भारी वाहनों के दबाव के लिए उपयुक्त नहीं हैं. विभाग ने कई पुलियों को कमजोर बताते हुए वहां बैरियर लगाने और अवैध डायवर्जन पर रोक लगाने की भी आवश्यकता जताई थी.
सुरक्षा ऑडिट कराने की उठी मांग
मानिकपुर कल्वर्ट धंसने की घटना के बाद अब ईदगाह/बाईपास के समीप सड़क पर पड़ी दरारों ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि केवल एक पुलिया की मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा. पूरे ठाकुरगंज–मुरारीगाछ मार्ग की सभी पुरानी पुलियों और कल्वर्टों का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता चल सके.
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से ईदगाह/बाईपास स्थित कल्वर्ट की तत्काल तकनीकी जांच कराने, आवश्यक मरम्मत करने और बरसात के मौसम में भारी वाहनों के आवागमन की समीक्षा करने की मांग की है.
हालांकि, सड़क पर दिखाई दे रही दरारों के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि संबंधित कल्वर्ट संरचनात्मक रूप से कमजोर या धंस रहा है. इसकी पुष्टि केवल पथ निर्माण विभाग की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी. लेकिन हाल की घटनाओं और विभाग की पूर्व चेतावनी को देखते हुए स्थानीय लोग एहतियाती कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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