ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
किशनगंज. सीमांचल में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. पिछले 24 घंटे के दौरान हुई रिकॉर्ड बारिश ने किशनगंज को बिहार के सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल कर दिया है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की बुधवार सुबह 8:30 बजे तक जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में औसतन 83 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 256 प्रतिशत अधिक है. इसी के साथ किशनगंज को लार्ज एक्सेस वर्षा श्रेणी में रखा गया है.
चारघरिया में सबसे अधिक 178.4 मिमी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई. चारघरिया में सर्वाधिक 178.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो पूरे बिहार के सबसे अधिक वर्षा वाले स्टेशनों में शामिल रही. इसके अलावा बहादुरगंज में 132.4 मिमी, कोचाधामन में 94.2 मिमी, टेढ़ागाछ में 90.2 मिमी, तैयबपुर में 86.8 मिमी, किशनगंज मुख्यालय में 78.4 मिमी, पोठिया में 62.6 मिमी, ठाकुरगंज में 55.2 मिमी तथा दिघलबैंक में 30.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई.
खेतों में लौटी रौनक, किसानों को मिली राहत
लगातार हो रही बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. खेतों में पर्याप्त नमी आने से धान की रोपनी तेज होने की उम्मीद है. खरीफ फसलों के लिए यह बारिश काफी लाभदायक मानी जा रही है. किसानों का कहना है कि समय पर हुई वर्षा से इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है.
निचले इलाकों में जलजमाव से बढ़ी परेशानी
एक ओर बारिश ने कृषि कार्यों को गति दी है, वहीं दूसरी ओर जिले के कई निचले इलाकों और ग्रामीण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई है. कई छोटी नदियों, नालों और जलधाराओं का जलस्तर भी बढ़ा है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है.
पूरे बिहार में अब भी वर्षा की कमी
मौसम विभाग के अनुसार पूरे बिहार में अब तक 119.6 मिमी संचयी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 252.2 मिमी होनी चाहिए थी. यानी राज्य अभी भी 53 प्रतिशत वर्षा की कमी से जूझ रहा है. इसके विपरीत सीमांचल, विशेषकर किशनगंज जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश ने वर्षा की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है.
अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान किशनगंज समेत सीमांचल के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है.
यदि बारिश का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रहता है तो कृषि कार्यों को और गति मिलेगी. हालांकि लगातार वर्षा होने पर निचले क्षेत्रों में जलजमाव और छोटी नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका भी बनी हुई है. प्रशासन और मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
