किशनगंज : मानव तस्करी के खिलाफ किशनगंज पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में चल रहे ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत इस वर्ष अब तक मानव तस्करी से जुड़े चार मामले दर्ज किये गये हैं. इनमें 20 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जबकि 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस की कार्रवाई में 31 पीड़ितों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
सीमावर्ती जिला होने से चुनौती बड़ी
एसपी संतोष कुमार ने बताया कि किशनगंज अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय दोनों सीमाओं से जुड़ा जिला है. नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा और पश्चिम बंगाल की सीमा होने के कारण यहां मानव तस्करी पर अंकुश लगाना चुनौतीपूर्ण है.
पुलिस के अनुसार कई मामलों में नेपाल से ऑर्केस्ट्रा या अन्य काम दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर तस्करी किये जाने की जानकारी सामने आती है. ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए एसएसबी के साथ समन्वय कर सीमा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट रख रही नजर
मानव तस्करी के मामलों से निपटने के लिए किशनगंज में ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (HTU) का गठन किया गया है. सूचना मिलने पर स्पेशल क्राइम डीएसपी के नेतृत्व में छापेमारी कर कार्रवाई की जाती है.
एसपी ने बताया कि लगातार चल रहे अभियान से मानव तस्करी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण में सफलता मिली है.
झांसे में फंसाकर तस्करी के धंधे में धकेलने का आरोप
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि कई मामलों में पीड़ितों को उनके परिचित या अन्य लोग नौकरी, काम या बेहतर अवसर का झांसा देकर इस धंधे में धकेल देते हैं. जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर संबंधित आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है.
उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ आगे भी लगातार जारी रहेगा और तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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