ठाकुरगंज हाईस्कूल में बना ओपन जिम, सुविधा मिली लेकिन अधूरी तैयारी ने खड़े किए कई सवाल

Kishanganj Gov Sports News: किशनगंज के ठाकुरगंज हाईस्कूल में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत आधुनिक ओपन जिम बनाया गया है. हालांकि सूचना बोर्ड, परियोजना लागत और रखरखाव व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों ने कई सवाल उठाए हैं.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:

Kishanganj Gov Sports News: मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत ठाकुरगंज हाईस्कूल परिसर में आधुनिक ओपन जिम की स्थापना की गई है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और युवाओं को पहली बार आधुनिक व्यायाम उपकरणों पर अभ्यास करने का अवसर मिलेगा.

लंबे समय से जिस सुविधा की मांग की जा रही थी, वह अब सरकारी विद्यालय तक पहुंच गई है. हालांकि इस नई पहल के साथ कई ऐसे सवाल भी सामने आए हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी माना जा रहा है.

उपयोग संबंधी जानकारी का अभाव

ओपन जिम में विभिन्न आधुनिक मशीनें तो स्थापित कर दी गई हैं, लेकिन उनके सही उपयोग की जानकारी देने के लिए परिसर में कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है. किस मशीन का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना है, उसे कैसे संचालित करना है और किन सावधानियों का पालन करना चाहिए, इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार इन मशीनों का उपयोग करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह स्थिति भ्रम पैदा कर सकती है. गलत तरीके से मशीनों का इस्तेमाल करने पर चोट लगने की आशंका भी बनी रहती है.

लागत का नहीं है स्पष्ट उल्लेख

परियोजना की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ओपन जिम परिसर में लगे शिलापट्ट पर “प्राक्कलन राशि” का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन उसके सामने निर्माण लागत अंकित नहीं की गई है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि इस परियोजना पर सरकार द्वारा कितनी राशि खर्च की गई.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब योजना सार्वजनिक धन से तैयार की गई है, तो उसकी लागत भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए.

रखरखाव की जिम्मेदारी पर भी सवाल

ओपन जिम के भविष्य को लेकर भी लोगों में जिज्ञासा है. यदि किसी मशीन में खराबी आती है तो उसकी मरम्मत कौन करेगा, रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग की होगी और नियमित देखरेख की क्या व्यवस्था होगी, इसकी जानकारी भी कहीं उपलब्ध नहीं है.

स्थानीय लोगों का मानना है कि रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने पर ऐसी कई सरकारी परियोजनाएं समय के साथ अनुपयोगी हो जाती हैं.

बेहतर व्यवस्था से बन सकता है आदर्श मॉडल

ग्रामीणों और अभिभावकों ने ओपन जिम की स्थापना का स्वागत करते हुए कहा कि यह युवाओं के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय पहल है. उनका सुझाव है कि यदि उपयोग संबंधी सूचना बोर्ड, परियोजना की लागत और रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए तो यह ओपन जिम ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है.

लोगों का कहना है कि विकास की वास्तविक सफलता केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने में नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने में है.

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Published by: Shruti Kumari

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