काशीबाड़ी में जलजमाव बना नासूर, कीचड़ भरी सड़क पर चलने को मजबूर ग्रामीण

Kashibari Road Waterlogging: किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड स्थित काशीबाड़ी वार्ड-5 में जलजमाव और कच्ची सड़क से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित है. पक्की सड़क और जलनिकासी की मांग को लेकर लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है.

टेढ़ागाछ (किशनगंज) से गौरव कुमार की रिपोर्ट

Kashibari Road Waterlogging: प्रखंड की कालपीर पंचायत के काशीबाड़ी वार्ड संख्या-5 में वर्षों से सड़क और जलनिकासी की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है. हल्की बारिश होते ही कच्ची सड़क जलमग्न हो जाती है और पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है. इससे ग्रामीणों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है.

बारिश में तालाब बन जाती है सड़क

स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड में अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. बारिश होने पर सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. कई बार राहगीर फिसलकर घायल भी हो चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.

स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, जलजमाव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है. बच्चे रोजाना कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जबकि कई बार फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं. वहीं आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में मरीजों को खाट या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है.

ग्रामीणों ने उठाए विकास कार्यों पर सवाल

ग्रामीणों ने कहा कि सरकार हर टोले तक पक्की सड़क पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन आजादी के दशकों बाद भी काशीबाड़ी वार्ड-5 बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है. आवागमन के लिए लोगों को खेतों की पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है या कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है.

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है. न तो सड़क निर्माण हुआ और न ही जलनिकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई.

आंदोलन की दी चेतावनी

वार्डवासियों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से अविलंब पक्की सड़क एवं जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे.

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Published by: Shruti Kumari

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