कंचनबाड़ी में 30 ग्रामीणों को मशरूम खेती का प्रशिक्षण, 15 दिवसीय कार्यक्रम शुरू

सशस्त्र सीमा बल (SSB) किशनगंज ने कंचनबाड़ी में 30 ग्रामीणों के लिए 15 दिवसीय मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को कृषि-आधारित स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.

किशनगंज, दिघलबैंक. 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, किशनगंज के कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में गुरुवार को जीवंत ग्राम कंचनबाड़ी में ग्रामीणों के लिए 15 दिवसीय मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशिक्षण देना है.

30 ग्रामीण सीखेंगे मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 30 ग्रामीणों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम की खेती के लिए आवश्यक सामग्री, उत्पादन की पूरी प्रक्रिया और रख-रखाव के बारे में विस्तार से बताया जाएगा.

रोग और कीट प्रबंधन की भी दी जाएगी जानकारी

प्रशिक्षण में मशरूम उत्पादन के दौरान होने वाले रोगों और कीटों की पहचान तथा उनके प्रबंधन के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी. ग्रामीणों को उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सावधानियों और बेहतर गुणवत्ता वाले मशरूम तैयार करने की तकनीक से अवगत कराया जाएगा.

तैयार मशरूम की बिक्री और विपणन पर भी जोर

प्रशिक्षण के दौरान केवल उत्पादन तक सीमित जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि तैयार मशरूम की बिक्री और बेहतर विपणन के तरीकों के बारे में भी बताया जाएगा. इसका उद्देश्य ग्रामीणों को उत्पादन के साथ बाजार की जरूरत और बिक्री की प्रक्रिया समझाना है.

कम लागत में अतिरिक्त आय का मिलेगा अवसर

सशस्त्र सीमा बल की इस पहल से ग्रामीणों को कम लागत में मशरूम उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलने की उम्मीद है. प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए साधन विकसित करने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है.

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को ऐसी कृषि आधारित गतिविधि से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर अपनाकर अतिरिक्त आमदनी का साधन बनाया जा सके. एसएसबी की इस पहल को ग्रामीणों के कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नरेंद्र कु गुप्ता

नरेंद्र कु गुप्ता प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. दिघलबैंक (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >