रोजाना घंटों लेट रहने वाली जोगबनी–सिलीगुड़ी इंटरसिटी पर दोहरी मार, तीन दिन रद्द

रोजाना घंटों लेट रहने वाली जोगबनी–सिलीगुड़ी इंटरसिटी पर दोहरी मार, तीन दिन रद्द

ठाकुरगंज. जोगबनी–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. एक ओर परिचालन के दिनों में जहां 15723/15724 जोगबनी–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस रोजाना घंटों लेट चल रही है. वहीं अब रेलवे ने इस ट्रेन को दोअप्रैल से 04 अप्रैल 2026 तक रद्द करने का निर्णय भी ले लिया है . इससे यात्रियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है.

तीन दिनों तक नहीं चलेगी ट्रेन

रेलवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परिचालनिक कारणों से जोगबनी–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस (15723/15724) को दो अप्रैल से चार अप्रैल तक रद्द रखा जाएगा. बताते चले पिछले 28 मार्च से यह ट्रेन लगातार रद्द है.

रोजाना घंटों लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

बताया जाता है कि यह ट्रेन सुबह पांच बजे जोगबनी से समय पर खुलती है व अररिया तक निर्धारित समय पर पहुंच जाती है. लेकिन इसके बाद देरी का सिलसिला शुरू हो जाता है. ट्रेन पूर्णिया तक एक से डेड़ घंटे देरी वहीं कटिहार तक डेड़ से दो घंटे देरी, किशनगंज पहुंचते-पहुंचते दो से तीन घंटे लेट हो जाती है.

ट्रैक की व्यस्तता व सिंगल लाइन बनी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार ट्रेन की लेटलतीफी के पीछे मुख्य कारण रेलवे ट्रैक पर अत्यधिक दबाव और बुनियादी ढांचे की कमी है. कटिहार–किशनगंज रेलखंड पहले से ही अत्यधिक व्यस्त है, जहां लंबी दूरी की ट्रेनों को प्राथमिकता देने के कारण इंटरसिटी को बार-बार रोका जाता है. इसके अलावा कई हिस्सों में अब भी सिंगल लाइन होने से ट्रेनों की क्रॉसिंग में अधिक समय लगता है, जिससे देरी बढ़ती जाती है.

वैकल्पिक रूट से दो घंटे का लाभ संभव

जानकार बताते हैं कि वर्तमान रूट पर यह ट्रेन 311 किमी की दूरी करीब साढ़े छह घंटे में तय करती है. यदि इसे जोगबनी-फारबिसगंज-अररिया–पौआखाली–ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी होकर चलाया जाए, तो दूरी घटकर लगभग 222 किमी रह जाएगी और करीब दो घंटे का समय बच सकता है. जिससे यात्रिओ को काफी फायद होगा.

रेल यात्री समिति ने उठायी आवाज

ठाकुरगंज रेल यात्री समिति के संयोजक सह मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल, उपाध्यक्ष अरुण सिंह और सचिव अमित सिन्हा ने कहा कि कटिहार से सिलीगुड़ी के लिए पहले ही एक दर्जन से अधिक ट्रेनें चल रही हैं. ऐसे में इस इंटरसिटी को वैकल्पिक रूट पर चलाना ज्यादा व्यावहारिक होगा. यात्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रेलवे प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की है, ताकि ट्रेन की लेटलतीफी व बार-बार रद्द होने की समस्या से निजात मिल सके.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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