किशनगंज जिले की ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का नया अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की सभी पंचायतों में "जीविका सुधा बिक्री केंद्र" खोले जाएंगे. इन केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियां करेंगी. यह योजना जीविका और कॉम्फेड (सुधा) के संयुक्त तत्वावधान में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर संचालित होगी.
ऑनलाइन आवेदन शुरू, ये हैं पात्रता की शर्तें
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. इच्छुक महिलाएं jsbk.brlps.in वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं. इसके अलावा संबंधित प्रखंड जीविका कार्यालय एवं जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ से भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने बताया कि आवेदन करने वाली अभ्यर्थी के पास निजी या किराये की कम से कम 70 वर्ग फुट की दुकान होना अनिवार्य है. दुकान में बिजली की समुचित व्यवस्था तथा मुख्य सड़क से संपर्क भी आवश्यक होगा.
60 हजार रुपये की सहायता, 15 हजार का स्वयं निवेश
चयनित लाभार्थियों को बिक्री केंद्र स्थापित करने के लिए 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. इस राशि से डीप फ्रीजर, विजी कूलर, प्रचार सामग्री और परिवहन संबंधी खर्च पूरे किए जाएंगे. वहीं लाभार्थी को 15 हजार रुपये का स्वयं निवेश करना होगा, जिससे दूध, दही, लस्सी, मिठाई सहित सुधा के डेयरी उत्पादों की शुरुआती खरीद की जाएगी.
लॉटरी से होगा अंतिम चयन
प्रत्येक पंचायत की इच्छुक जीविका दीदियां आवेदन कर सकती हैं. आवेदन प्राप्त होने के बाद जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ निर्धारित मानकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट तैयार करेगा. इसके बाद अंतिम चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार मिलेगा और पंचायत स्तर पर उपभोक्ताओं को सुधा के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे. जीविका पशुधन युवा पेशेवर ऋषभ प्रसाद ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिला उद्यमिता को नई दिशा देगी.
