मुख्य बातें:
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Highest Rainfall Bihar: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र के किशनगंज जिले ने एक बार फिर सूबे के ‘चेरापूंजी’ के रूप में अपनी विधिक पहचान साबित कर दी है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा गुरुवार को जारी ताजा लाइव रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर किशनगंज में सामान्य से 104 प्रतिशत अधिक मूसलाधार बारिश संधारित की गई है, जो पूरे बिहार में सबसे अधिक है. जहां प्रदेश के अन्य जिलों के कली-मजदूर और किसान सूखे जैसे हालात और तीखी उमस से जूझ रहे हैं, वहीं किशनगंज प्रक्षेत्र में बादलों की इस मुस्तैद मेहरबानी ने न केवल मौसम सुहाना कर दिया है, बल्कि खेतों को भी पानी से सराबोर कर दिया है.
गलगलिया में बरसे सबसे ज्यादा बादल; प्रखंडवार आंकड़ों की लाइव कड़ियां
जिले में हुई प्रखंडवार बारिश और मौसम विभाग के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गलगलिया मौसम केंद्र पर सबसे अधिक 69.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसने सूबे के सभी वेदर स्टेशनों को पीछे छोड़ दिया है.
इसके अतिरिक्त ठाकुरगंज प्रक्षेत्र में 41.6 मिमी, चारघरिया में 26.6 मिमी, तैबपुर में 22.4 मिमी, पोठिया में 18.6 मिमी, किशनगंज जिला मुख्यालय में 18.4 मिमी, कोचाधामन में 16.6 मिमी, टेढ़ागाछ में 14.2 मिमी तथा दिघलबैंक में 13.2 मिमी वर्षा संधारित की गई है. कनिष्ठ से लेकर वरिष्ठ मौसम कप्तानों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता प्रक्षेत्र के लिए बेहद सकारात्मक है.
Highest Rainfall Bihar: अन्नदाताओं के लिए संजीवनी बनी बारिश; धान की नर्सरी तैयार करने में तेजी
“स्थानीय कृषि विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों के अनुसार, यह मूसलाधार बारिश इस वक्त सीमांचल के किसानों के लिए किसी विधिक वरदान से कम नहीं है. खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने और खेतों की जुताई के लिए मिट्टी में अब पर्याप्त लाइव नमी उपलब्ध हो गई है. किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बादलों की यही मुस्तैदी संधारित रही, तो कली-मजदूरों को महंगे डीजल पंपों से सिंचाई करने की फजीहत से स्थाई राहत मिल जाएगी.”
तापमान में भारी गिरावट; आने वाले दिनों में भी झमाझम के आसार
लगातार हो रही इस झमाझम बारिश से पूरे प्रक्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी और उमस भरी विसंगति से बड़ी राहत मिली है. बाजारों में रौनक लौट आई है और देहाती इलाकों के नदी-नाले भी उफान पर हैं.
मौसम कप्तानों ने पूर्वानुमान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि आने वाले अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भी आसमान में घने कनिष्ठ बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर वज्रपात के साथ सुचारू वर्षा होने की पूरी संभावना है. प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान खुले खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहकर कृषि कार्यों का संधारण करें.
