गुरुवार से पवित्र सावन माह की शुरुआत हो रही है. इसको लेकर सीमावर्ती ठाकुरगंज स्थित प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हरगौरी शिव मंदिर में जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने वाला है. लेकिन सावन के ठीक पहले मंदिर के मुख्य द्वार के सामने जलजमाव की पुरानी समस्या एक बार फिर उभरकर सामने आ गई है. हल्की बारिश होते ही प्रवेश मार्ग पर पानी भर गया है, जिससे श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है.
सालों पुरानी है समस्या, नाली की सफाई न होना मुख्य वजह
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि हरगौरी मंदिर के मुख्य द्वार पर पानी जमा होना कोई नई बात नहीं है. हर साल मानसून के दौरान थोड़ी सी बारिश में ही पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है.
क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होना और नालियों की नियमित रूप से सफाई न कराया जाना इस जलजमाव का मुख्य कारण है. नाले जाम रहने से बारिश का पानी घंटों सड़क पर जमा रहता है और श्रद्धालुओं को इसी गंदे पानी से होकर मंदिर में प्रवेश करना पड़ता है.
सावन में उमड़ती है भारी भीड़, सुरक्षा और सुविधा पर उठे सवाल
हरगौरी मंदिर पूरे इलाके में आस्था का प्रमुख केंद्र है. सावन के महीने में सुबह तड़के से लेकर देर रात तक बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दूर से कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
ऐसे में मुख्य प्रवेश द्वार पर जलजमाव से न केवल श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था आहत हो रही है, बल्कि फिसलन के कारण हादसे की आशंका भी बनी हुई है.
नगर पंचायत से तत्काल और स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल मानसून में यह मुद्दा उठता है, लेकिन बारिश खत्म होते ही प्रशासन इसे ठंडे बस्ते में डाल देता है.
सावन में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से पंप लगाकर या नालियों की सफाई कराकर जल निकासी की तात्कालिक व्यवस्था की जाए और इस समस्या का कोई पक्का व स्थायी समाधान निकाला जाए.
