दिघलबैंक (किशनगंज) : सीमावर्ती क्षेत्र में भारत-नेपाल मैत्री और मानव सेवा की मिसाल रविवार को देखने को मिली. ग्राम पंचायत दिघलबैंक को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के उद्देश्य से हरुवाडांगा स्थित पंचायत भवन में एक दिवसीय नि:शुल्क नेत्र जांच एवं उपचार शिविर लगाया गया. पंचायत मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह की पहल पर आयोजित शिविर में नेपाल के बिर्तामोड़ स्थित मेची नेत्र अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने सैकड़ों ग्रामीणों की आंखों की जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया.
भारत-नेपाल के रिश्तों को स्वास्थ्य सेवा से मिली मजबूती
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय जदयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल शामिल हुए. उन्होंने भारत-नेपाल के सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच रोटी-बेटी का संबंध आपसी मैत्री और साझा विरासत का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में सीमावर्ती इलाकों में दोनों देशों का ऐसा सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है. गरीब और जरूरतमंद लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना समाज की सबसे बड़ी सेवा है. विधायक ने मेची नेत्र अस्पताल की टीम और शिविर से जुड़े लोगों की पहल की सराहना की.
मोतियाबिंद मरीजों का होगा नि:शुल्क ऑपरेशन
शिविर में ग्रामीणों की आंखों की नि:शुल्क जांच की गयी. जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान की जा रही है. पात्र मरीजों का आगे नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया जाएगा. इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
‘आंखों की रोशनी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी’
मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह ने कहा कि पंचायतवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव या जागरूकता की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से शिविर लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि पंचायत को मोतियाबिंद मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएंगे और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने को प्राथमिकता दी जाएगी.
पंचायत में जनकल्याण कार्यों को गति देने का संकल्प
इस अवसर पर मुखिया पूनम देवी ने विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि पंचायत में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास होगा.
उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को लगातार संचालित करने की प्रतिबद्धता जतायी.
नेपाल से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक
मेची नेत्र अस्पताल की टीम में डॉ. आशीष भट्टराई, कविता कार्की, युवा राज बोहोरा, प्रवा राउत, नगमा बेगम, चंद्र राज शाह, बिनिता अधिकारी, सुविता सांग्रौला, मालती तामांग और सुमन्ता राई शामिल थीं. टीम ने ग्रामीणों की जांच कर आवश्यक सलाह और उपचार संबंधी जानकारी दी.
शिविर में प्रोफेसर विष्णुकांत झा, नेपाल-भारत मैत्री संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं कोशी प्रदेश अध्यक्ष छत्र बहादुर गिरी, नेपाल-भारत मैत्री संघ सुरंगा के अध्यक्ष अर्जुन बोहोरा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही. लोगों ने पंचायत की पहल की सराहना करते हुए इसे सीमावर्ती क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के लिए उपयोगी बताया. आयोजन ने स्वास्थ्य सेवा के साथ भारत-नेपाल के आपसी सहयोग और मैत्री का मजबूत संदेश दिया.
